



अंता उपचुनाव में मिली हार पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस हार के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसे सामूहिक जिम्मेदारी बताया और स्वीकार किया कि सबसे अधिक जिम्मेदारी उनकी खुद की है। राठौड़ ने कहा कि पार्टी आगामी दिनों में इस हार की विस्तृत समीक्षा करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो “ऑपरेशन” यानी बड़े स्तर पर सुधारात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि समीक्षा के बाद जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा ताकि संगठन अगले चुनावों में और मजबूत होकर सामने आए।
टिकट के दावेदार नेताओं के प्रचार में सक्रिय न होने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि यह निश्चित रूप से जांच का विषय है और पार्टी इस पूरे मामले की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि अंता उपचुनाव में जनता ने जो भी जनादेश दिया है, भारतीय जनता पार्टी उसे सहर्ष स्वीकार करती है।
विपक्ष द्वारा जीत का जश्न मनाने पर राठौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष एक सीट जीतकर उत्साहित है, जबकि उनके मन में राष्ट्र प्रथम की भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देता तो बिहार चुनाव के परिणाम देखकर “मुंह छिपाते फिरते।” उन्होंने ईवीएम पर सवाल खड़े करने वाली पार्टियों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि “कभी ईवीएम को दोष देते हैं और अंता में कैसे जीत गए, इस पर भी उन्हें विचार करना चाहिए।”
बिहार चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि वहां एनडीए को मिला अपार जनसमर्थन जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने विपक्ष के बेमेल गठजोड़ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सत्ता की लालसा में ऐसे दल एकजुट हुए जिनकी न नीति समान है और न सोच। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने ऐसे भ्रम फैलाने वाले गठबंधनों को पूरी तरह नकार दिया है।
राठौड़ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में पार्टी “एक-दो सीट के लिए संघर्ष” करती नजर आई और उसका “सूपड़ा साफ” हो गया। उन्होंने लालू यादव के नेतृत्व वाले गठबंधन को भी भ्रष्टाचार से भरा बताया और कहा कि राहुल गांधी के साथ उनका समझौता भी जनता को रास नहीं आया। राठौड़ ने कहा कि बिहार की जनता ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विकास कार्यों को आशीर्वाद दिया है।