



अंता उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखा हमला बोला है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि अंता में कांग्रेस की जीत बेइमानी की जीत है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए “एक-एक वोट के बदले 10,000 से 40,000 रुपये तक बांटे।” बेनीवाल ने कहा कि भाया महीनों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे और लगभग 15–20 हजार वोट कांग्रेस ने पैसों के दम पर हासिल किए।
बेनीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि भाया को जीताने में भाजपा के कुछ नेताओं की भूमिका रही और पूरा चुनाव भाजपा के दो गुटों में बंटा रहा। उन्होंने कहा, “हमारे पास सबसे बड़ी कमी पैसों की थी, जबकि कांग्रेस ने धनबल का खुला खेल किया।”
मुख्य सचिव सुधांश पंत के कार्यकाल खत्म होने से पहले दिल्ली ट्रांसफर होने पर बेनीवाल ने कहा कि यह “साफ संकेत है कि मुख्यमंत्री से नाराज होकर चीफ सेक्रेटरी दिल्ली चले गए।” उन्होंने दावा किया कि अंदरूनी तौर पर सरकार में बगावत पनप रही है।
बेनीवाल शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निवास पर उनकी पत्नी के निधन पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, जहां मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी मौजूद रहे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने तीसरे मोर्चे की भूमिका पर भी ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि हाड़ौती बीजेपी का गढ़ है, फिर भी थर्ड पार्टी के उम्मीदवार नरेश मीणा को लगभग 55 हजार वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी और नरेश के बीच केवल लगभग 100 वोटों का अंतर रहा। बेनीवाल ने कहा कि इससे साबित होता है कि जनता तीसरा मोर्चा लाना चाहती है और 2028 के चुनावों में यह मोर्चा मिलकर लड़ाई लड़ेगा।
कांग्रेस और भाजपा दोनों पर हमला बोलते हुए बेनीवाल ने कहा कि “कांग्रेस देश में खत्म हो रही है, लेकिन राजस्थान में भजनलाल के खिलाफ माहौल है। यदि आज चुनाव हो जाए तो भाजपा 10 सीट भी पार नहीं कर पाएगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि हाड़ौती में कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच अंदरूनी गठजोड़ है, जो लंबे समय से जारी है।
बेनीवाल ने बड़ा दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत की दोस्ती कॉलेज टाइम से चली आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “जब गहलोत सरकार गिर रही थी, तब वसुंधरा ने 8 विधायक गहलोत को दिए थे। राजस्थान को दोनों ने मिलकर लूटा है।” उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार में भी कांग्रेसियों का पंचायत चुनाव में “सूपड़ा साफ” हो जाएगा।
बिहार चुनाव परिणाम पर बेनीवाल ने कहा कि भाजपा “बैसाखी के सहारे” चल रही है। उन्होंने कहा कि “अगर नीतीश कुमार नहीं होते तो भाजपा बिहार में सरकार में नहीं आती।” बेनीवाल ने दावा किया कि राजस्थान में तीसरा मोर्चा भाजपा और कांग्रेस दोनों को चुनौती देगा और 2028 में ‘पिक्चर’ दिखाई जाएगी, जबकि आगामी पंचायत चुनाव इसका “ट्रेलर” होंगे।
मुख्य सचिव के दिल्ली ट्रांसफर पर टिप्पणी करते हुए बेनीवाल ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र ने हालात पर नियंत्रण नहीं किया, तो “मानेसर जैसा घटनाक्रम राजस्थान में भी देखने को मिल सकता है।”
