



जयपुर:राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बीच राज्य के सभी मंत्रियों से इस्तीफा मांगे जाने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन विभागों से अचानक विस्तृत रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को दिल्ली के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकातों का कार्यक्रम तय किया है। इस बीच जयपुर में राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री की वापसी के बाद मंत्रिमंडल पुनर्गठन या बड़े फेरबदल की संभावना बन सकती है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सभी विभागों से उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट समीक्षा के साथ-साथ संभावित फेरबदल से पहले प्रदर्शन मूल्यांकन के रूप में भी देखी जा रही है। कुछ वरिष्ठ मंत्रियों और प्रमुख सचिवों से फोन पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अपडेट मांगा गया है।
जयपुर में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री जल्द ही नई टीम के साथ सरकार की दूसरी पारी शुरू करने की तैयारी में हैं। पार्टी संगठन की ओर से भी हाल के दिनों में मंत्रियों के प्रदर्शन और जनता के फीडबैक पर रिपोर्ट तैयार की गई थी, जिसे अब दिल्ली स्तर पर भी साझा किए जाने की बात सामने आ रही है।
कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि इस्तीफे मांगे जाते हैं, तो यह प्रक्रिया मंत्रिपरिषद के सामूहिक त्यागपत्र के रूप में अपनाई जा सकती है, ताकि नई सूरत और नए संतुलन के साथ मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया जा सके।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दिल्ली दौरे में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातों के एजेंडे में प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों पहलू शामिल बताए जा रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में हुई चर्चाओं के बाद राज्य में जल्द ही मंत्रिमंडल पुनर्गठन या विस्तार को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से किसी भी मंत्री के इस्तीफे या बदलाव की पुष्टि नहीं की गई है।
विभागीय रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद न केवल मंत्रियों में बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों में भी हलचल बढ़ गई है। कई विभागों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट्स और बजट उपयोग के अद्यतन आंकड़े भेजने शुरू कर दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर इसे “परफॉर्मेंस रिव्यू एक्सरसाइज” के रूप में देखा जा रहा है।