



जयपुर प्रशासनिक हल्कों में हलचल मचाते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. भारती दीक्षित ने अपने पति और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक IAS आशीष मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए 7 नवंबर को SMS थाना, जयपुर में FIR दर्ज करवाई है। दीक्षित, जो वर्तमान में वित्त विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं, ने शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति का व्यवहार अत्यधिक आक्रामक, हिंसात्मक और धमकीपूर्ण रहा। शिकायत के अनुसार, शादी के समय भी उन्हें भावनात्मक रूप से कमजोर परिस्थिति में मानसिक दबाव डालकर शादी के लिए मजबूर किया गया था।
भारती दीक्षित ने पुलिस को बताया कि 2014 में IAS चयन के दौरान उनके पिता कैंसर से जूझ रहे थे और इसी दौरान आशीष मोदी ने उनका विश्वास जीतकर शादी का दबाव डाला। बाद में उन्हें पता चला कि मोदी ने नगालैंड कैडर की अपनी वास्तविक स्थिति छिपाकर उनसे शादी की, ताकि कैडर परिवर्तन में राजस्थान कैडर मिलने की संभावना बढ़ जाए। आरोप है कि इस धोखे की शुरुआत ही उनके वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या बनी।
शिकायत के मुताबिक, शादी के बाद कई बार आशीष मोदी दिनों तक घर से गायब रहते और पूछने पर मारपीट व धमकियां देते थे। 2018 में IVF के जरिए बेटी होने के बाद उनकी आक्रामकता और बढ़ गई। दीक्षित के अनुसार, पति ने कई बार उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की। भय के कारण वह छह महीने तक अपने माता-पिता के पास दिल्ली में रहीं और मातृत्व अवकाश समाप्त होने पर भी पति के डर से अकेले जयपुर लौटने में असमर्थ थीं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2020 में जेसलमेर पोस्टिंग के दौरान पति किसी अन्य महिला के साथ रहते थे। जब भारती बिना बताए जेसलमेर पहुंचीं, तो उन्होंने घर में दूसरी महिला को देखा। विरोध करने पर IAS पति ने उन्हें धमकाकर वापस भेज दिया और कहा कि वह उनके पिता तक को नुकसान पहुंचा सकता है। भारती के मुताबिक, पति की अय्याशी की खबरें स्थानीय अखबारों में भी छपती रहीं, लेकिन शर्म और परिवार की प्रतिष्ठा के कारण वे चुप रहीं।
सबसे गंभीर आरोप 14–15 अक्टूबर की घटना को लेकर है। शिकायत के अनुसार, एक दिन देर रात IAS पति घर आए और तलाक के लिए दबाव बनाया। अगले दिन सुबह जब भारती अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने निकलीं, तो पति ने उन्हें और बेटी को सरकारी वाहन में जबरदस्ती बैठा लिया। ड्राइवर को रास्ते में उतारकर एक अन्य व्यक्ति सुरेन्द्र विश्नोई को ड्राइविंग सीट पर बैठाया गया। आरोप है कि पिस्तौल दिखाकर उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक घुमाया गया, मोबाइल छीन लिया गया और धमकाया गया कि तलाक पर राजी न हुईं तो पूरा खानदान खत्म कर दिया जाएगा।
भारती का कहना है कि उन्हें एक तीन मंजिला मकान में ले जाकर कमरे में बंद कर दिया गया, जहां पति ने फोन करके सूटकेस और शूटर मंगवाने की बात कही। पिता के कई फोन आने पर पिस्तौल के दम पर उन्हें यह कहलवाया गया कि उनकी शुगर बढ़ गई है, इसलिए वे अस्पताल में हैं। जनवरी में उनकी बहन की शादी होने की दलील पर दोपहर 2 बजे उन्हें छोड़ा गया, लेकिन घर में भी सुरेन्द्र विश्नोई ने धमकाया कि एक भी बात बाहर निकली तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
शिकायत में यह भी आरोप है कि घर के चार्जर में स्पाई कैमरा लगाया गया था और पति ने तकनीकी तरीके से उनका मोबाइल दो अन्य डिवाइस पर कनेक्ट कर रखा था, जिससे वह उनकी निजी गतिविधियों की निगरानी कर सके। भारती का कहना है कि यह सब उन्हें ब्लैकमेल करने और मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, धमकी, घरेलू हिंसा, मारपीट, महिला सम्मान भंग, अवैध बंधक बनाना और IT Act की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामला वर्तमान में जांचाधीन है, और प्रशासनिक हल्कों में यह गंभीर विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है।