



जयपुर/अजमेर। दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए जोरदार धमाके के बाद राजस्थान में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। राज्यभर में भीड़भाड़ वाली जगहों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के बाहर RAC के जवान तैनात कर दिए गए हैं, जबकि सभी जिलों में पुलिस सतर्कता बढ़ाने में जुट गई है।
एटीएस के आईजी विकास कुमार ने बताया कि राजस्थान में आधिकारिक रूप से हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद ATS, SOG, स्थानीय पुलिस, इंटेलिजेंस टीम और अन्य सुरक्षा इकाइयाँ अपने-अपने टास्क में लग चुकी हैं। राज्य में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, धार्मिक स्थलों और बड़े पर्यटन केंद्रों पर सघन चेकिंग चलाई जा रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम और अभय कमांड सेंटर के सभी कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस कंट्रोल रूम या ATS को देने की अपील की गई है। उधर, धमाके के बाद बढ़ी सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए DGP ने पुलिसकर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
राज्य के DGP ने सभी डीसीपी, एसपी और पुलिस आयुक्तों को निम्न निर्देश दिए हैं—
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, शॉपिंग मॉल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अत्यधिक सतर्कता रखी जाए।
अधिकतम पुलिस बल को फील्ड में तैनात किया जाए।
बम स्क्वॉड को अलर्ट पर रखा जाए।
सभी जिलों के एसपी/डीसीपी स्वयं निगरानी करें और नियमित रिपोर्ट भेजें।
कमांड सेंटर के CCTV कैमरों की 24×7 मॉनिटरिंग की जाए।
संदिग्ध वाहनों, बैग, वस्तुओं और लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को झूठी या भ्रामक जानकारी का तत्काल खंडन करने का निर्देश।
साथ ही रेंज आईजीपी और सभी जिला पुलिस प्रमुखों को आदेश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
राजस्थान में सुरक्षा एजेंसियों की यह व्यापक कार्रवाई दिल्ली धमाके के बाद संभावित सुरक्षा खतरे को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह बरकरार रहे।