



जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की मेंबर संगीता आर्य को ईओ भर्ती में रिश्वत प्रकरण से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हेडक्वार्टर बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। उन्होंने एसीबी को पत्र भेजकर 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। संगीता आर्य ने तर्क दिया कि फिलहाल आरपीएससी में इंटरव्यू चल रहे हैं, जिनके कारण वे दस्तावेज व स्पष्टीकरण लेकर उपस्थित नहीं हो सकीं।
एसीबी ने उन्हें ईओ भर्ती में कथित रिश्वत लेने के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। यह वही प्रकरण है, जिसमें 2023 में रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया था। एसीबी ने 16 नवंबर तक मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों को भी अलग-अलग तिथियों पर पूछताछ के लिए बुलाया है।
यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था, जब एसीबी ने ईओ भर्ती परीक्षा में पास करवाने के नाम पर 40 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में घुमंतू जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसवात सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। कहा गया था कि यह राशि ईओ भर्ती में चयन सुनिश्चित कराने के लिए ली जा रही थी।
संगीता आर्य और तत्कालीन आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा के घरों पर भी एसीबी ने रेड डाली थी। सितंबर 2023 में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई थी। बाद में एसीबी ने संगीता आर्य और मंजू शर्मा को क्लीन चिट दे दी थी, क्योंकि जांच में उनके खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिले थे।
अब जब एसीबी आगे की पूछताछ और फाइलों के मिलान के लिए संबंधित व्यक्तियों को दोबारा बुला रही है, इसी कड़ी में संगीता आर्य को भी पेश होने के लिए कहा गया था। उनके द्वारा समय माँगने के बाद अब अगली तिथि पर पूछताछ तय की जाएगी। यह मामला एक बार फिर आरपीएससी पर भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। ईओ भर्ती प्रकरण पहले ही व्यापक विवाद का विषय रहा है, और अब एसीबी द्वारा पुनः पूछताछ प्रक्रिया शुरू करने से मामले में नई गतिविधि देखी जा रही है।