



दिल्ली। राजस्थान के फलोदी जिले के मतोड़ा में हाल ही में हुए भीषण सड़क हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की दो सदस्यीय बेंच ने राज्य में गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों पर स्थित ढाबों की संख्या, उनकी भौतिक स्थिति और सड़क की वास्तविक हालत का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आत्माराम नाडकर्णी को न्यायमित्र (Amicus Curiae) नियुक्त करते हुए उन्हें राजस्थान के मुख्य सचिव को पक्षकार बनाने के भी निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासन और केंद्र सरकार की जिम्मेदार एजेंसियों से जवाबदेही तय की जानी आवश्यक है।
इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, और गृह मंत्रालय को भी नोटिस जारी किए हैं। इन एजेंसियों से हादसे की परिस्थितियों, हाईवे सुरक्षा मानकों, सड़क किनारे निर्माण, अनधिकृत ढाबों, तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी गई है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को इस भीषण सड़क हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला सूचीबद्ध किया था। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान गई थी, जिसके बाद देशभर में हाईवे सुरक्षा और यातायात निगरानी को लेकर सवाल उठे हैं। कोर्ट का यह हस्तक्षेप राज्य में हाईवे सुरक्षा व्यवस्था, ढाबों के अनियंत्रित विस्तार और सड़क रखरखाव पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।