



जयपुर। खोले के हनुमान जी मंदिर में आज देश-प्रदेश के सबसे बड़े अन्नकूट महोत्सवों में से एक का भव्य आयोजन किया गया। शनिवार रात से ही विशाल स्तर पर भोजन बनाने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। रविवार दोपहर 12:15 बजे भगवान हनुमान की महाआरती हुई, जिसके बाद दोपहर 1 बजे से रात 9 बजे तक भक्तों के लिए अन्नकूट प्रसादी की पंगत चल रही है। पूरे मंदिर परिसर को 800 क्विंटल ताजे फूलों से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र दिव्य और उत्सवमय माहौल में बदल गया।
मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार 21 किलो के ड्राइफ्रूट्स से बने विशाल गजरे से किया गया, जिसे विशेष रूप से बैंगलुरू से तैयार करवाया गया था। भक्तों की भीड़ को देखते हुए पार्किंग, प्रसाद वितरण, और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस बार आयोजन का पैमाना पहले से कई गुना बड़ा है—भोजन पूरी तरह लकड़ी की धीमी आँच पर पकाया जा रहा है और छप्पन भोग के 80–85 विशिष्ट व्यंजन भगवान को अर्पित किए गए।
पुलिस अधिकारी दुर्ग सिंह के अनुसार मंदिर में सुरक्षा हेतु 170 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं और पूरे परिसर में सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। भोजन प्रसाद बनाने के लिए 450 हलवाइयों की टीम लगातार काम कर रही है। मंदिर में 30 विशाल भट्ठियां बनाई गई थीं जो 8 से 10 फीट गहरी थीं। प्रत्येक भट्ठी में करीब 1,000 ईंटें लगीं और एक बार में 2 क्विंटल लकड़ी जलाई जा रही है।
भोजन बनाने का कार्य 8 नवंबर की शाम से शुरू हुआ, जो 9 नवंबर देर रात तक चलेगा। जमवारामगढ़ से 35–40 गाड़ियों में लकड़ी मंगाई गई है, प्रत्येक गाड़ी में 35–40 क्विंटल लकड़ी। इस पूरे आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण तैयारी छप्पन भोग की रही, जिसके लिए 800 क्विंटल मिठाइयां और स्नैक्स तैयार किए गए। हलवाई रामावतार और कांजी हलवाई ने बताया कि लगभग 200 हलवाइयों ने 4 दिन तक दिन-रात मेहनत कर 80 से अधिक आइटम तैयार किए। इसमें 40 क्विंटल चीनी, 35 क्विंटल बेसन, 25 क्विंटल मैदा, 100 पीपे (1500 किलो) घी, 200 पीपे मूंगफली तेल, 300 किलो मावा, 400 किलो दाल, 13 क्विंटल बूरा, और 1-1 क्विंटल गुड़ व मसाला का उपयोग हुआ।
इस दौरान महादेव की भव्य बर्फी की झांकी भी सजी, जिसे देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन और प्रसाद वितरण के बीच मंदिर क्षेत्र दिवाली के बाद एक और बड़े पर्व जैसा सजीव दिखाई दिया, जहाँ भक्तों की आस्था और समर्पण से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंजता रहा।