



गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर अपनी समृद्ध परंपरा, कला और संस्कृति के रंगों में रंगने जा रही है। जयपुर स्थापना समारोह के तहत इस बार शहर के प्रमुख परकोटा गेटों पर शहनाई वादन का भव्य आयोजन किया जाएगा। 19 सितंबर तक चलने वाले इस उत्सव में स्थानीय कलाकार ढूंढाड़ की गाली-बाजी, ख्याल, लोक नृत्य और गजल संध्या जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेंगे। यह आयोजन न केवल पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी शहर की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास होगा।
जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सांसद मंजू शर्मा, मेयर, पूर्व मेयर और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने समारोह की तैयारियों की रूपरेखा तय की। सांसद मंजू शर्मा ने बताया कि इस वर्ष समारोह में शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाले नौ विशिष्ट व्यक्तियों को ‘जयपुर गौरव सम्मान’ (नवरत्न) से सम्मानित किया जाएगा। ये हस्तियां कला, संस्कृति, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वालों में से होंगी।
समारोह के दौरान शहर के ऐतिहासिक दरवाजों, सरकारी भवनों और प्रमुख इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। शहनाई वादन के कार्यक्रम परकोटा क्षेत्र में पारंपरिक वातावरण को और अधिक भव्य बनाएंगे। साथ ही विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए जयपुर स्थापना दिवस न केवल स्थानीय नागरिकों के लिए उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनेगा बल्कि देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए भी एक खास अनुभव साबित होगा।
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि यह समारोह जयपुर की पहचान, ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक आत्मा को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें हर आयु वर्ग के लिए आकर्षक कार्यक्रम होंगे, जो शहर की सांस्कृतिक एकता और गर्व की भावना को और मजबूत करेंगे।