Sunday, 30 November 2025

अलवर का लाल प्याज औने-पौने दाम पर, किसान रो रहे खून के आंसू—दाम 2 से 11 रुपए किलो, लागत भी नहीं निकल रही


अलवर का लाल प्याज औने-पौने दाम पर, किसान रो रहे खून के आंसू—दाम 2 से 11 रुपए किलो, लागत भी नहीं निकल रही

अलवर के किसानों के लिए इस बार लाल प्याज की खेती मुसीबत बन गई है। एक समय था जब यही लाल प्याज किसानों की समृद्धि का आधार बना था। वर्ष 2023 में प्याज की शानदार कीमतों ने किसानों का कर्ज तक उतार दिया था। लेकिन साल 2025 किसानों के लिए भारी पड़ रहा है। बम्पर उत्पादन और बारिश से खराब हुई क्वालिटी ने प्याज की कीमतों को जमीन पर ला दिया है। स्थिति यह है कि किसानों को लागत भी नहीं निकल रही और वे जेब से पैसा लगाकर प्याज बेचने को मजबूर हैं।

गुरुवार को अलवर की प्याज मंडी में करीब 40 हजार कट्टे प्याज की आवक हुई, लेकिन दाम मात्र 2 से 11 रुपए प्रति किलो रहे। व्यापारियों के अनुसार बाजार में आगे से डिमांड नहीं है, ऊपर से बारिश के कारण नए प्याज पर दाग लग गया है, जिसके कारण वह ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकता। ऐसी स्थिति में बाहर माल भेजना भी संभव नहीं है।

व्यापारियों का कहना है कि पुराना प्याज भारी मात्रा में मंडी में पड़ा है, जिसकी क्वालिटी बेहतर है और वह भी महज 5 से 10 रुपए किलो बिक रहा है। पुराने प्याज के सस्ता और बेहतर होने से नए प्याज की मांग और भी गिर गई है। फल-सब्जी मंडी आढ़तिया यूनियन के संरक्षक पप्पू भाई प्रधान ने बताया कि “नए प्याज पर दाग है, यह ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। ऊपर से स्टॉक इतना ज्यादा है कि बाजार में रेट बढ़ने की कोई संभावना नहीं दिख रही।”

किसानों की पीड़ा भी कम नहीं है। चांदोली के तेलिया बास निवासी किसान हनीफ ने बताया कि “50 कट्टे प्याज जेब से पैसे लगाकर मंडी लाया हूं, लेकिन दाम सिर्फ 200 से 400 रुपए मन मिल रहे हैं। मेहनत तो पूरी की, लेकिन नुकसान बहुत ज्यादा हो गया है।” किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो प्याज की खेती घाटे का सौदा बनकर रह जाएगी।

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