



कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कोटा में कांग्रेस विधायक चेतन पटेल के धरने के मुद्दे पर इटावा SDM के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पीपल्दा से कांग्रेस विधायक चेतन पटेल फसल खराबे को लेकर ज्ञापन देने इटावा SDM कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन SDM बाहर नहीं आए। इस पर विधायक और उनके समर्थक दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए और भूख हड़ताल शुरू कर दी।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा—“लोकतंत्र है, जनप्रतिनिधि ज्ञापन देने आए हैं तो मिलना चाहिए। ऐसा SDM किस काम का जो स्थिति बिगाड़े। आज सरकार हमारी है, कल किसी और की हो सकती है। जनप्रतिनिधि तो जनप्रतिनिधि होता है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर मुख्य सचिव (CS) से बात की है और SDM के व्यवहार पर कार्रवाई करवाएंगे।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा किक्या होता है ने कहा कि किसानों के नुकसान को लेकर वह पार्टी लाइन नहीं देखते। उन्होंने कहा—“मुझे तो मदद नहीं करनी थी, क्योंकि वह कांग्रेस का विधायक था। लेकिन वह किसानों की बात कर रहा था। किसानों के मुद्दों में न कांग्रेस होती है न भाजपा।” उन्होंने बताया कि उन्होंने CS और कलेक्टर से बात कर किसानों को फसल खराबे का पूरा मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। घटना 30 अक्टूबर की है जब चेतन पटेल SDM को ज्ञापन देने पहुंचे लेकिन SDM बाहर नहीं आए। इस पर विधायक समर्थकों के साथ इटावा SDM ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में 5 नवंबर को SDM मौके पर पहुंचे, तब धरना खत्म किया गया।
अंता उपचुनाव को लेकर भी कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देश पर वह अंता जा रहे हैं और बीजेपी प्रत्याशी की जीत से उनका कद और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि“मैं कंवर लाल मीना से जेल में मिलकर आया हूँ। कोई हिम्मत नहीं करता, लेकिन मैं गया। कोर्ट की वजह से कुछ नहीं हो पाया। जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाई-भतीजावाद देश के लिए घातक हैं।” कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि अंता में भाजपा प्रत्याशी को जिताने से दिल्ली तक मजबूत संदेश जाएगा।