



जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर भर्ती-2024 में नियुक्तियां देने पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश दिनेश शर्मा व अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। अदालत ने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने भर्ती विज्ञापन जारी करने के बाद बिना किसी औपचारिक आदेश के अपात्र अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान की, जो नियमों के विपरीत है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट संदीप पाठक ने अदालत को बताया कि चयन बोर्ड ने 26 फरवरी 2024 को स्टेनोग्राफर के पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें यह स्पष्ट प्रावधान था कि परीक्षा में 20 प्रतिशत तक की गलतियों को स्वीकार किया जाएगा। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया था कि यदि पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा सकती है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि बोर्ड ने 21 अक्टूबर 2025 को चयन सूची जारी की, जिसमें पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद भी बोर्ड ने मनमाने तरीके से 5 प्रतिशत की छूट लागू करते हुए कई अपात्र उम्मीदवारों को चयन सूची में शामिल कर लिया। इसके बावजूद अब बोर्ड उसी सूची के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने जा रहा है।
हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और समानता बनाए रखना चयन बोर्ड की जिम्मेदारी है। यदि बिना कारण बताए किसी वर्ग को अतिरिक्त छूट दी जाती है, तो यह न्याय के सिद्धांतों और भर्ती नियमों का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने कर्मचारी चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और तब तक स्टेनोग्राफर भर्ती के तहत किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई आने वाले दिनों में होगी।