



जयपुर। भक्ति, परंपरा और सेवा की अनुपम मिसाल खोले के हनुमान मंदिर में इस वर्ष भी देखने को मिलेगी। 9 नवंबर को मंदिर परिसर में 65 वां लक्खी अन्नकूट महोत्सव भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। जयपुर की राजसी धार्मिक धरोहर रहा यह आयोजन आज सामाजिक सद्भाव, जनसहभागिता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है। इस वर्ष करीब 2 लाख भक्तों के लिए विशाल पैमाने पर अन्नकूट प्रसादी तैयार की जा रही है।
दोनों समय पंगत प्रसादी के दौरान श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने व्यापक प्रबंध किए हैं। दोपहर 12:15 बजे हनुमान जी की महाआरती होगी, जिसके बाद छप्पन भोग और अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। दोपहर 1 बजे से रात 9 बजे तक पंगत प्रसादी चलेगी और भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
इस बार अन्नकूट में 50 क्विंटल आलू, 50 क्विंटल गोभी, 50 क्विंटल मूली, 25 क्विंटल गाजर, 10 क्विंटल बैंगन, 15 क्विंटल पत्तागोभी, साथ ही पालक, अदरक, शकरकंद, मोगरी, लौकी, हरी मिर्च, धनिया और अन्य ताज़ी सब्जियों का उपयोग होगा। लगभग 20 से अधिक किस्म की सब्जियों से सामूहिक भोजन तैयार किया जाएगा।
भक्तों की पसंदीदा कढ़ी बनाने के लिए 40 क्विंटल दही और 10 क्विंटल बेसनका उपयोग होगा। एक कड़ाही में 10 हजार लोगों के लिए कढ़ी तैयार होगी और 20 कड़ाहियों में कढ़ी पकाई जाएगी। कढ़ी पकाने का काम सुबह 3 बजे से शुरू किया जाएगा और प्रत्येक बार तैयारी में 2-3 घंटे लगेंगे। सूजी का हलवा 8 नवंबर की रात को घी में भूनकर तैयार किया जाएगा।
हलवाई कांजी ने बताया कि शादियों के सीजन में बड़ी संख्या में हलवाई जुटाना कठिन होता है, इसलिए विशेष रूप से दौसा, लालसोट, सवाई माधोपुर, चाकसू और टोंक से हलवाई बुलाए गए हैं।
450 हलवाई अन्नकूट प्रसादी बनाएंगे
200 हलवाई छप्पन भोग तैयार करेंगे
200 लोग भट्ठी से पंगत स्थल तक भोजन ले जाएंगे
250 श्रमिक बर्तन धोने में लगाए जाएंगे
1,000 वॉलंटियर भोजन वितरण में सहयोग करेंगे
हर पंगत में एक बार में 10,000 भक्त प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। भोजन पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहनों का उपयोग होगा।
नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बी.एम. शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर के 11 शिवालयों सहित रामचंद्रजी, प्रेमभाया, गायत्री माता और गंगा माता के मंदिरों में भी भोग लगाया जाएगा। आसपास के 61 मंदिरों में भी मूंग, मोठ, बाजरा, चावल, मिक्स सब्जी, पूड़ी और अन्य व्यंजन भगवान को अर्पित किए जाएंगे। भक्तजन हल्दी, मिर्ची, गुड़, घी, तेल, मूंग, बाजरा, शक्कर, बेसन सहित विभिन्न सामग्री मंदिर में दान कर रहे हैं।