



लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी जयपुर में एकता और राष्ट्रभावना का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गांधी सर्किल से अमर जवान ज्योति तक तीन किलोमीटर लंबा ‘एकता मार्च’ आमजन के साथ पैदल चलकर पूरा किया। इस दौरान पूरा मार्ग देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के नारों से गुंजायमान रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने आजादी के बाद 560 रियासतों का विलय कर एक सशक्त और एकीकृत भारत का निर्माण किया। वे केवल लौह पुरुष ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के शिल्पकार भी थे। उन्होंने राष्ट्र को यह सिखाया कि जब राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हो, तब कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
मुख्यमंत्री बोले – “युवा राष्ट्रहित को रखें सर्वोपरि, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निभाएं भूमिका”
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हर परिस्थिति में राष्ट्रहित और राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा,
“सरदार पटेल ने जिस एकता की नींव रखी, उसी को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है। युवा ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। जब यह शक्ति जागृत होती है, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं रहता।”
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 91 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी गई है, जबकि डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही, युवा उद्यमियों को 140 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
तीन किलोमीटर का जन मार्च, उमड़ा उत्साह
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर गांधी सर्किल से अमर जवान ज्योति तक करीब 40 मिनट तक पैदल मार्च किया।
उनके साथ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, खेल एवं युवा मामलात मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, सांसद घनश्याम तिवाड़ी, मंत्री मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ, जितेन्द्र गोठवाल, गोपाल शर्मा, डॉ. कैलाश वर्मा, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा सहित हजारों की संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, एनसीसी व एनएसएस कैडेट्स, स्काउट गाइड, कॉलेज छात्र-छात्राएं और आमजन शामिल हुए।
रास्ते में रामबाग सर्किल और जेडीए सर्किल पर आमजन ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मार्च के अंत में मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर सरदार पटेल की प्रतिमा और शहीदों को नमन किया।
“धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया पटेल का अधूरा सपना”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल की सोच केवल एक भारत की नहीं, बल्कि अखंड भारत की थी। उन्होंने कहा,
“कश्मीर को छोड़कर पटेल की सारी रियासतें भारत में विलय हुई थीं। धारा 370 ने कश्मीर को अलग रखा था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे समाप्त कर सरदार पटेल का सपना पूरा किया। आज जम्मू-कश्मीर भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग है — यही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है।”
सरदार पटेल: एकता और आत्मनिर्भरता के प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने न केवल राजनीतिक एकता स्थापित की, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन की नींव भी रखी। उन्होंने खेड़ा सत्याग्रह और अमूल आंदोलन के जरिए किसानों और दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग दिखाया।
“सरदार पटेल ने दिखाया कि जब देश की आत्मा एक होती है, तो राष्ट्र अजेय बन जाता है।”
आत्मनिर्भर भारत की शपथ
एकता मार्च के अंत में मुख्यमंत्री ने आमजन को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि “हम सभी मिलकर विकसित राजस्थान और विकसित भारत का सपना साकार करेंगे।”