



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गोपाष्टमी के पावन अवसर पर गुरुवार को जयपुर जिले की दो प्रमुख गोशालाओं मांग्यावास स्थित सद्गुरू टेऊँराम गोशाला और रेनवाल स्थित जोतड़ा गोशाला में सपत्नीक गौ पूजन किया। उन्होंने गौ माता को तिलक लगाकर माला पहनाई, गुड़ खिलाया और चारा खिलाकर सेवा का संकल्प लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में गौ सेवक और आमजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गौ माता का सनातन संस्कृति में सर्वोच्च और पूजनीय स्थान है। उन्होंने कहा कि गोपाष्टमी हमें गौ सेवा और संरक्षण का अवसर देती है। गौ माता हमारा गौरव हैं और जीवन का आधार हैं। हर व्यक्ति को गौ सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गौ माता न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। उन्होंने कहा कि गौ उत्पादों का पोषण और पंचगव्य का औषधीय महत्व सर्वविदित है। उन्होंने यह भी कहा कि गौ पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता का भाव है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पंजीकृत गोशालाओं को प्रति गाय ₹50 प्रतिदिन
छोटे बछड़ों के लिए ₹25 प्रतिदिन सहायता
बैलों से खेती करने वाले किसानों को ₹30 हजार प्रतिवर्ष अनुदान
उन्होंने कहा कि संत-महंत सदियों से गौ सेवा में अग्रणी रहे हैं और सरकार उनके साथ मिलकर इस दिशा में कार्य कर रही है।
गौशालाओं में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री शर्मा ने मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया। उन्होंने संतों, गौ सेवकों और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया और सम्मान ग्रहण किया।