



जयपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस समीर जैन की अदालत में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर फ्रॉड मामलों में सतही कार्रवाई के बजाय असली किंगपिन तक पहुँचने पर ध्यान दें।
हाईकोर्ट ने कहा कि साइबर अपराध अब संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा है और मुख्य साजिशकर्ताओं को पकड़ना बेहद आवश्यक है। इस पर पेश पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि ऐसे मामलों में जांच के दौरान कई तकनीकी चुनौतियां सामने आती हैं। अधिकतर आरोपी विदेशी लोकेशन से अपराध को अंजाम देते हैं, इनका IP लोकेशन और सर्वर भी देश से बाहर होता है, जिसके कारण ट्रैकिंग में समय और तकनीकी बाधाएं आती हैं। अधिकारियों ने बताया कि हम तकनीक, डिजिटल फोरेंसिक और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के माध्यम से असली गुनहगारों तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
सुनवाई के दौरान डीजीपी राजीव शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े, जबकि जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, साइबर क्राइम डीआईजी, एसपी और अन्य अफसर अदालत में उपस्थित रहे। कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध सीधे जनता की बचत और सुरक्षा से जुड़े हैं, इसलिए पुलिस को अधिक सक्रिय और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करनी होगी।