



जयपुर। राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) ने सोमवार रात अचानक निर्णय लिया था कि सरस घी के दामों में प्रति लीटर ₹30 की वृद्धि की जाएगी। यह वृद्धि उस समय आई जब कुछ दिन पहले जीएसटी दरों में कटौती के बाद घी के दामों में ₹37 तक की कमी की गई थी।
इसमें ज्यादा देर टिक नहीं सकी — लगभग 12 घंटे बाद आरसीडीएफ ने इस मूल्य वृद्धि को वापस ले लिया और यू-टर्न ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम से उपभोक्ताओं और व्यापार जगत में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, घी के दामों में वृद्धि का फैसला अचानक लिया गया था, संभवतः उत्पादन लागत व विपणन खर्च को सामने रखते हुए। मगर प्रतिक्रिया मिलने के बाद आरसीडीएफ ने विचार बदल लिया और बढ़ोतरी को रद्द कर इसे पूर्व दरों पर वापस कर दिया गया।
यह इस बात का संकेत है कि डेयरी फेडरेशन और उपभोक्ता-संतुलन में चल रहे दबावों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है। उपभोक्ताओं के लिए खाद्य सुरक्षा व कीमतों की स्थिरता अब भी एक संवेदनशील मुद्दा बन हुआ है।
