



जयपुर। जैसलमेर में एसी स्लीपर बस में लगी आग में 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी की अध्यक्षता परिवहन विभाग की सचिव शुचि त्यागी करेंगी।
कमेटी का मुख्य उद्देश्य हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर यह पता लगाना है कि आग तकनीकी खामी से लगी या किसी मानवीय लापरवाही से।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, उन्होंने पूरे प्रशासन को अलर्ट कर दिया और स्वयं रात में घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने कहा यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है। हमने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। अगर जांच में किसी बस मालिक, ड्राइवर या अधिकारी की लापरवाही सामने आई, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।”
कमेटी हादसे से जुड़े सभी पहलुओं —बस की तकनीकी स्थिति,उसमें किए गए संशोधन (मॉडिफिकेशन),सुरक्षा मानकों की अनुपालना,और आपात स्थिति में राहत की व्यवस्था — का गहन परीक्षण करेगी।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।हमने सचिव से कहा है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।”
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि विभाग मॉडिफाइड (संशोधित) बसों पर विशेष निगरानी रखेगा।बसों में बिना अनुमति के बदलाव कर यात्रियों की जान जोखिम में डालना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहनों पर चालान काटे जा रहे हैं और उन्हें जब्त भी किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसी बसों की जांच की जाएगी।जहां कहीं भी मानक उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तुरंत रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई होगी।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर राज्यव्यापी ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं।अक्सर ड्राइवर मनमाने स्थानों पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।अब ऐसे चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमें बनाई जा रही हैं, जो पूरे राज्य में नियमित रूप से जांच करेंगी।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही से यह घटना हुई है, उन पर भी कार्रवाई तय है। सरकार पहले भी जांच रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करती आई है और इस मामले में भी किसी को बख्शा नहीं जाएगा।