



जयपुर। राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है, जो परिवारों और समाज दोनों को प्रभावित करता है। राज्य सरकार ने इस बढ़ती समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया है, जो नशे के खिलाफ एक निर्णायक मोर्चा बनने जा रही है।
डीजीपी शर्मा ने यह बात पुलिस मुख्यालय, जयपुर में आयोजित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स के सभी जवान प्रशिक्षण में सीखे गए कौशल और तकनीकों का उपयोग करते हुए राज्य में मादक पदार्थों की रोकथाम के प्रयासों को नई दिशा दें।
डीजीपी ने जवानों से कहा कि वे त्रिस्तरीय रणनीति के तहत काम करें —
नशे के प्रवेश बिंदुओं (Entry Points) की पहचान करें,वितरण तंत्र (Distribution Network) पर नजर रखें, और तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने नवनियुक्त जवानों को संदेश दिया कि वे स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल और संपर्क बढ़ाते हुए फील्ड में कार्य करें और समाज की इस बड़ी समस्या के समाधान में पूरे समर्पण के साथ जुटें।
सुझाव दें, सहयोग हम करेंगे :
डीजीपी शर्मा ने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे यूनिट की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, उपकरण या तकनीकी आवश्यकताओं पर अपने सुझाव मुख्यालय को भेजें — “मुख्यालय से हर संभव सहयोग मिलेगा।”

संवाद और अनुभव साझा :
समापन कार्यक्रम में डीजीपी शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया और उनसे पूछा कि उन्होंने इस प्रशिक्षण में क्या नया सीखा। प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें ड्रग्स के विभिन्न प्रकारों, नशे की नई प्रवृत्तियों, उत्पादक स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। डीजीपी ने सुझाव दिया कि जवान अन्य राज्यों और एजेंसियों से भी सीखें ताकि राजस्थान में नशे के विरुद्ध बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।
एएनटीएफ अधिकारियों के वक्तव्य :
कार्यक्रम में एडीजी एटीएस वीके सिंह ने कहा कि एएनटीएफ की फाउंडर टीम को अपने कौशल और निष्ठा से विभाग का नाम ऊंचा करने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में जवानों को तकनीकी, कानूनी और फील्ड ऑपरेशन से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है।
आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ मुख्यालय स्थापित किया जा चुका है और राज्य के 9 जिलों में चौकियों का संचालन आरंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि टीम ने हाल ही में कई उल्लेखनीय कार्रवाइयों को अंजाम दिया है, जिससे नेटवर्क पर लगाम लगी है।
समारोह के अंत में डीआईजी योगेश यादव ने आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि एएनटीएफ के जवान विभाग की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। इस अवसर पर डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप, एएनटीएफ अधिकारी और सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।