



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बार-बार निर्देश देने के बावजूद कार्यों में लापरवाही बरतने वाले राजस्थान के दो वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों पर अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद वन मंत्री संजय शर्मा ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, उनमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक शिखा मेहराऔर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राजेश गुप्ता शामिल हैं। इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी कार्यों में लापरवाही और देरी की, जिससे राज्य सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में बाधा आई।
मामला राजस्थान के विभिन्न जिलों में स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउसों को पर्यटकों के लिए खोलने और उनकी ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया शुरू करने से जुड़ा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कुछ महीने पहले एक उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी 65 फॉरेस्ट रेस्ट हाउस और गेस्ट हाउस को पर्यटन के लिए खोला जाए ताकि राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने न तो ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया और न ही बुकिंग व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाया। जब यह मामला हाल ही में दोबारा मुख्यमंत्री के पास पहुंचा, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और वन मंत्री को कार्रवाई के निर्देश दिए।
वन मंत्री संजय शर्मा ने तत्पश्चात दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश मुख्य सचिव कार्यालय को भेज दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन पर विभागीय जांच और संभावित निलंबन की कार्यवाही शुरू हो सकती है।
सरकार का कहना है कि “मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना किसी भी अधिकारी के लिए बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” और यह कदम राज्य प्रशासन में उत्तरदायित्व एवं जवाबदेही की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।