



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सजावट अभियान चलाने के विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने देवस्थान विभाग, शिक्षा विभाग और नगरीय निकायों को इस अभियान को व्यापक रूप में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं ताकि दीपोत्सव का पर्व पूरे राजस्थान में स्वच्छ, रोशन और आकर्षक वातावरण में मनाया जा सके।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि दीपावली के अवसर पर देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले सभी मंदिरों और प्रन्यास मंदिरों में ‘पंचपर्व दीपावली’ का विशेष आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के तहत मंदिर परिसरों में विशेष सफाई अभियान, दीपों और विद्युत सजावट, तथा सामूहिक दीप प्रज्वलन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से “एक दीप सबके लिए” का संदेश समाज में प्रसारित होगा।
देवस्थान विभाग द्वारा आयोजित इस ‘पंचपर्व दीपावली’ में रंगोली प्रतियोगिता, भक्ति संध्या, महाआरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और महाभोग वितरण जैसे कार्यक्रम भी होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर नई लाइटें और सौंदर्यीकरण के निर्देश
मुख्यमंत्री शर्मा ने नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि पुरानी और खराब स्ट्रीट लाइटों के स्थान पर 2 लाख नई लाइटें लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि इन लाइटों के लगने से न केवल सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर रोशनी सुनिश्चित होगी, बल्कि अपराधों की रोकथाम में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय विभाग को इस संबंध में टेण्डर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के आदेश दिए हैं।
राजकीय विद्यालयों में रंग-रोगन और मरम्मत अभियान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजकीय विद्यालयों के सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दीपावली से पूर्व सभी स्कूलों का रंग-रोगन और मरम्मत कार्य पूरा किया जाए।
राज्यभर में 65 हजार विद्यालयों में मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य चल रहा है, जिनमें से 15 हजार सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बॉयज फंड के माध्यम से रिपेयर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 1,500 स्कूलों को राज्य निधि (State Fund) से सुधारने का काम जारी है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि हाल ही में अतिवृष्टि प्रभावित 4,000 विद्यालयों को ₹2 लाख प्रति स्कूल की दर से मरम्मत स्वीकृत की गई है, जबकि 16,000 अन्य प्रभावित विद्यालयों को भी स्वीकृति प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसी क्रम में 23,000 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को राज्य वित्त आयोग की निधि से ₹25,000 प्रति स्कूल की सहायता दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी पहलें न केवल प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाएंगी, बल्कि यह दीपावली राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को भी निखारेंगी।