



नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस पावर लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 10 अक्टूबर को की गई। ईडी ने पाल पर ₹68.2 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी और इनवॉइसिंग घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है, जो अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप से जुड़ा हुआ है।
ईडी के अनुसार अशोक कुमार पाल ने रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस के माध्यम से लगभग ₹ 12,524 करोड़ के लोन जारी किए, जिनमें से अधिकांश लोन अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों को दिए गए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि पाल ने न केवल फर्जी दस्तावेजों को मंजूरी दी, बल्कि गलत तरीके से फंड ट्रांसफर करने में भी भूमिका निभाई।
ईडी की जांच से यह सामने आया है कि इन कंपनियों के माध्यम से जारी लोन की रकम को घुमाकर वित्तीय लेन-देन में हेराफेरी की गई। इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
अगस्त में अनिल अंबानी से भी पूछताछ हुई थी
ईडी ने अगस्त 2025 में अनिल अंबानी को इसी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद मुंबई में 35 जगहों पर छापेमारी की गई थी, जिसमें 50 कंपनियों और लगभग 25 व्यक्तियों की भूमिका की जांच की गई। एजेंसी को इन छापों में फर्जी इनवॉइस, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और कुछ विदेशी खातों से जुड़े दस्तावेज भी मिले थे।
ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वित्तीय घोटाले के पीछे किस स्तर तक निर्णय लिए गए और इसमें अन्य वरिष्ठ अधिकारियों या सहयोगी कंपनियों की भूमिका कितनी गहरी है।