



पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए की बैठकों का दौर तेज हो गया है। शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर भाजपा -जदयू गठबंधन की अहम बैठक हुई। बैठक में जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, सांसद संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, और ललन सराफ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं, भाजपा की ओर से चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी पहुंचे।
बैठक में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की सूची को लेकर लंबी चर्चा हुई। इससे पहले भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और ऋतुराज सिन्हा जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा से उनके आवास पर मुलाकात कर चुके थे।
सूत्रों के मुताबिक, जदयू को 105 सीटें दिए जाने पर सहमति बन गई है। हालांकि, छह मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाएंगे। टिकट कटने की आशंका से पहले ही दो विधायक राजद में शामिल हो चुके हैं।
जदयू फिलहाल चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे सहयोगी दलों के साथ तालमेल साधने का इंतजार कर रही है। पार्टी ने इसका जिम्मा भाजपा पर छोड़ा है और भाजपा के साथ बातचीत के बाद ही सीटों की औपचारिक घोषणा होगी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुई जदयू की बैठक में उम्मीदवारों की जीत की संभावना को लेकर समीक्षा की गई। जिन छह विधायकों के टिकट कट सकते हैं, उनमें अधिकांश ने पार्टी लाइन से हटकर काम किया था। पिछली बार जदयू को 115 सीटें मिली थीं, जिनमें से 7 सीटें 'हम' (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) को दी गई थीं।