Saturday, 29 August 2026

यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में मीडिया की भूमिका पर मंथन: मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को तोड़ने में सोशल मीडिया की अहम: ऋतु शुक्ला


यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में मीडिया की भूमिका पर मंथन: मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को तोड़ने में सोशल मीडिया की अहम: ऋतु शुक्ला

जयपुर। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की अतिरिक्त महानिदेशक ऋतु शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया दोनों मिलकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘टेली मानस’ पहल के जरिए स्कूल-going बच्चों और कामकाजी वर्ग के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शुक्ला राजस्थान विधानसभा के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित मीडिया कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।

यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी का संयुक्त आयोजन

यह कार्यशाला यूनिसेफ राजस्थान और फ्यूचर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। इसका विषय था – “वॉइसेज ऑफ रेजिलिएंस: द रोल ऑफ मीडिया इन प्रमोटिंग मेंटल हेल्थ”। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि मीडिया, आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से जोड़ने और आत्महत्या जैसे खतरनाक कदमों को रोकने में एक सेतु का काम कर सकता है।

यूनिसेफ राजस्थान के चीफ इंचार्ज रूषभ हेमानी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य वेलनेस वीक पर हम केवल पेशेवरों के रूप में नहीं, बल्कि एक साझा मिशन के साझेदारों के रूप में जुड़े हैं। यदि आत्महत्या की रोकथाम करनी है तो सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

मीडिया की जिम्मेदारी और विशेषज्ञों के विचार

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश माथुर ने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि सकारात्मक और नकारात्मक समाचारों के बीच संतुलन बनाए रखे ताकि पाठकों और दर्शकों में सही संदेश जाए।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ आईआरएस हरिनारायण मीणा,एम्स जोधपुर के डॉ. नीति रुस्तगी,यूनिसेफ चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट डॉ. संजय निराला ,मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील शर्मा,जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ.राजेश कुमार व्यास,वरिष्ठ पत्रकार योगेंद्र कुमार शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा और डॉ. मीना शर्मा, यूनिसेफ हेल्थ ऑफिसर डॉ. अनुराग ने अपने विचार प्रकट किया।इन विशेषज्ञों ने मानसिक तनाव, अवसाद, आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति और समाज में संवाद की कमी को मानसिक स्वास्थ्य के बिगड़ने का प्रमुख कारण बताया।

कार्यशाला का समापन यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अंकुश सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। वहीं फ्यूचर सोसाइटी की उपाध्यक्ष रविता शर्मा ने कहा कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यह आयोजन किया गया है और ऐसी पहल आगे भी जारी रहेगी।


Previous
Next

Related Posts