



जयपुर। राजस्थान में साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब पूरे अक्टूबर माह को साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाएगा। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय, एससीआरबी और साइबर क्राइम राजस्थान की ओर से जारी आधिकारिक परिपत्र में सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और कमाण्डेन्ट को व्यापक स्तर पर अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमा निरीक्षक साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि यह पहल भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C), नई दिल्ली के निर्देशों के तहत की गई है। इसका उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करना है। राज्य स्तर पर पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) को और जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। I4C ने इस अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग, डाक विभाग, पंचायती राज विभाग और शिक्षा विभाग को भी शामिल किया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अभियान की पहुंच गांव से शहर तक सभी वर्गों तक हो। इस दौरान पूरे प्रदेश में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे: स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, वर्कशॉप, क्विज, सेमिनार और प्रतियोगिताएं। सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक/पर्यटन स्थलों पर पोस्टर और बैनर। बाजार, हॉस्पिटल, बस स्टैंड, रेलवे और मेट्रो स्टेशन पर साइबर जागरूकता स्टॉल। मैराथन, साइकिल रैली और मानव श्रृंखला जैसी गतिविधियां जिला स्तर पर। बैंकों की सीएसआर गतिविधियों, स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स और हस्तियों को जोड़कर व्यापक प्रचार-प्रसार। अभियान के दौरान लोगों को यह प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी कि वे— तकनीक का सुरक्षित, सम्मानजनक और नैतिक उपयोग करेंगे। पासवर्ड, ओटीपी और निजी जानकारी को सुरक्षित रखेंगे। संदिग्ध लिंक, फाइल या संदेश पर क्लिक करने से बचेंगे। दोस्तों और परिवार को भी सुरक्षित ऑनलाइन आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।विभिन्न विभागों की भागीदारी
साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा
जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनकर सुरक्षित साइबर दुनिया के निर्माण में योगदान देंगे।