



जामडोली थाना पुलिस की गिरफ्त में आए भगवान सहाय निठारवाल और नंछूराम मीणा से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। भूमाफिया भगवान सहाय ने नकली पट्टों के जरिए करोड़ों का घोटाला कर महंगी गाड़ियां खरीदीं और दबदबा बनाने के लिए बाउंसर रखे। पुलिस ने अब तक उसके कब्जे से 4 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। दोनों आरोपियों को अदालत ने 9 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
जांच में सामने आया कि साल 2013 में भगवान सहाय ने बगराना इलाके में किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी बसा दी थी। ठगी की यह वारदात उसके आपराधिक सफर की बड़ी शुरुआत थी। इसके बाद उसने महापुर, भांकरोटा और वैशाली नगर इलाके में रहकर जमीनों पर फर्जी सौदेबाजी की और राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर पुलिस पर रौब जमाता रहा।
एडिशनल डीसीपी ईस्ट आशाराम चौधरी के अनुसार, आरोपियों ने ग्राम मालपुरा डूंगर पटवार हल्का सुमेल में पारस कुमार शर्मा की 32 बीघा जमीन को निशाना बनाया। सहकारी समिति बन्धु गृह निर्माण सहकारी समिति लि. के नाम से 1997-98 के पट्टे तैयार किए और 2022 के बाद इन्हें बेचना शुरू कर दिया। आरोपियों ने 500 से अधिक फर्जी पट्टे जारी किए, जिनमें फर्जी साइट प्लान और रसीदें भी तैयार की गईं।
पट्टाधारकों द्वारा आपत्ति जताने पर उन्होंने असल पट्टे ले लिए, लेकिन नए पट्टे या रकम वापस नहीं की। सहकारी समिति पर पहले से रिसीवर नियुक्त होने के बावजूद आरोपियों ने मनमाने तरीके से पुराने पट्टे जारी किए।
भगवान सहाय के उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक नेताओं से अच्छे संबंध थे। इन्हीं संपर्कों का हवाला देकर वह पुलिस और प्रशासन पर अपना दबदबा बनाए रखता था। यही वजह थी कि वह वर्षों तक लोगों को ठगने में सफल रहा। जामडोली थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों से करीब चार लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस अब फरार सहयोगियों की तलाश कर रही है और बन्धु गृह निर्माण सहकारी समिति के पुराने सौदों की भी जांच कर रही है।