



सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में अब हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच 24 नवंबर से फाइनल सुनवाई शुरू करेगी। मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किया और सभी पक्षकारों को लिखित बहस दाखिल करने के निर्देश दिए।
मूल याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने अदालत में प्रार्थना-पत्र दायर कर आरपीएससी (राजस्थान लोक सेवा आयोग) के पूर्व सदस्यों और दलालों के खिलाफ दायर चार्जशीट को रिकॉर्ड पर शामिल करने की मांग की। उनका कहना था कि यह चार्जशीट एकलपीठ की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत नहीं हुई थी। अदालत ने महाधिवक्ता को प्रार्थना-पत्र की प्रति सौंपने के निर्देश दिए और कहा कि इस पर निर्णय फाइनल सुनवाई के समय ही लिया जाएगा।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त को एसआई भर्ती-2021 को रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ ट्रेनी एसआई की अपील पर डिवीजन बैंच ने 8 सितंबर को भर्ती रद्द करने पर रोक लगाई और ट्रेनी एसआई को फील्ड ट्रेनिंग की अनुमति दी।
इसके बाद मूल याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। वहां से डिवीजन बैंच के आदेश पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया। साथ ही निर्देश दिया गया कि हाईकोर्ट तीन महीने के भीतर अपील पर फाइनल सुनवाई पूरी करे।
इस मामले में आरपीएससी की पूर्व सदस्य मंजू शर्मा ने भी अपील दायर की है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अपने फैसले में आरपीएससी सदस्यों पर गंभीर टिप्पणियां की थीं। मंजू शर्मा ने इन्हें कठोर और अनुचित बताते हुए हटाने की मांग की। उनका कहना था कि उन्हें न तो पक्षकार बनाया गया और न ही सुनवाई का मौका दिया गया।
एकलपीठ के फैसले के बाद उन्होंने 1 सितंबर 2025 को पद से इस्तीफा दिया था, जिसे 15 सितंबर को राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। अब अदालत ने उनकी अपील को भी इसी मामले के साथ टैग करने के निर्देश दिए हैं।