



पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कफ सिरप पीने से बच्चों की हुई मौत के मामले पर राज्य सरकार को घेरा है। गहलोत ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी आई ड्रॉप में गड़बड़ी सामने आई थी और उस पर बैन लगाया गया था। उसी तरह अब सिरप मामले में भी तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
गहलोत ने कहा कि“आज भी पूरा प्रोसेस एडॉप्ट करना चाहिए। पहले परमिशन लो और दवाई की जांच करवाओ। आज सिरप वाली बात आई है, तो इस पर तुरंत एक्शन होना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछली सरकार में अगर सैंपल फेल होने के बाद बैन नहीं हुआ था, तो अब की सरकार को कदम उठाना चाहिए। “गड़बड़ की है तो अब जेल भेज दो। गलती किसी भी सरकार के अंदर हुई हो, कार्रवाई जरूर होनी चाहिए।”
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के शनिवार को दिए गए बयान पर गहलोत ने कहा कि मंत्री अनुभवी हैं और पहले भी मंत्री रह चुके हैं। यदि उन्होंने कुछ कहा है, तो जरूर जांच के आधार पर कहा होगा। हालांकि गहलोत ने सुझाव दिया कि यदि राज्य की जांच रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है, तो बाहर की किसी लैबोरेटरी से भी जांच करवाई जा सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह मामला बच्चों की जान से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और जांच पूरी तरह पारदर्शी हो।