



जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात न्यूरो आईसीयू वार्ड में लगी आग से बड़ा हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम रात 3 बजे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिये घटना की जाँच के आदेश जाँच के लिए कमेटी की घोषणा की गई इक़बाल ख़ान आयुक्त चिकित्सा विभाग की अध्यक्षता में कमेटी की घोषणा सदस्य मुकेश कुमार मीणा अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन राजमेस,चंदन सिंह मीणा मुख्य अभियंता राजमेस, अजय माथुर मुख्य अभियंता विद्युत पी डब्ल्यू डी ,आरके जैन अतिरिक्त प्रधानाचार्य SMS मेडिकल कॉलेज एवं मुख्य अग्निशमन अधिकारी नगर निगम जयपुर को सदस्य बनाया गया है
इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के सामने मरीजों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने 20 मिनट पहले आग लगने की जानकारी अस्पताल स्टाफ को दे दी थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। परिजनों का कहना था— “डिपार्टमेंट के सारे डॉक्टर भाग गए। हमें कोई बताने वाला तक नहीं था कि हमारे परिवार के सदस्य जिंदा हैं या नहीं।”
ट्रॉमा इंचार्ज डॉक्टर अनुराग धाकड़ ने बताया कि हादसे के समय आईसीयू में 11 मरीज भर्ती थे और बगल वाले आईसीयू में 13 मरीज मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अब तक 6 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है, हालांकि विस्तृत जांच की जाएगी।
हादसे के समय मौजूद अस्पताल कर्मचारी अवधेश कुमार पांडे ने बताया कि आग ट्रॉमा सेंटर के स्टोर रूम से लगी, जहां कागज और मेडिकल उपकरण रखे थे। “जब हम पहुंचे तो वहां धुआं फैला हुआ था। हमने मरीजों को तुरंत शिफ्ट किया। आग पर काबू पाने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगा।”
फिलहाल अस्पताल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस हादसे ने SMS अस्पताल की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
