Saturday, 29 August 2026

बच्चों को धरोहर से जोड़ने की नई पहल: पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने किया “संग्रहालयों की कहानी, बच्चों की जुबानी” प्रदर्शनी का समापन


बच्चों को धरोहर से जोड़ने की नई पहल: पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने किया “संग्रहालयों की कहानी, बच्चों की जुबानी” प्रदर्शनी का समापन

जयपुर। राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित “संग्रहालयों की कहानी, बच्चों की जुबानी” प्रदर्शनी का समापन शुक्रवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। एक सप्ताह तक चली इस प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और कला के जरिए विश्व धरोहर स्थलों और संग्रहालयों को नई दृष्टि से प्रस्तुत किया। सुदर्शन आर्ट गैलरी बच्चों की रंगों और रचनात्मकता से गूंजती रही, जहाँ दर्शकों ने नन्हे कलाकारों की कृतियों की जमकर सराहना की।

बच्चों की रचनात्मकता को मिली सराहना

समापन समारोह में पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों की कला की प्रशंसा करते हुए कहा— “बच्चों को उनकी धरोहर से जोड़ना आवश्यक है। संग्रहालय केवल अतीत का संकलन नहीं, बल्कि प्रेरणा और सीखने के जीवित स्रोत हैं। ऐसी पहलें बच्चों में इतिहास और संस्कृति के प्रति गहरी रुचि जगाती हैं।”

कला एवं संस्कृति विभाग ने भी बच्चों की प्रतिभा को सराहते हुए इसे “सांस्कृतिक धरोहर को नई दृष्टि से देखने का प्रयास” बताया। विभाग के अनुसार, ऐसे अभियान बच्चों को समाज और संस्कृति से गहराई से जोड़ते हैं और उनकी कला प्रतिभा को प्रोत्साहन देते हैं।


डिजिटल बाल मेला की अनूठी सोच

डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जन्हवी शर्मा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को वैश्विक स्तर पर मौजूद करीब 10,000 संग्रहालयों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान बच्चों को केवल दर्शक नहीं, बल्कि संस्कृति के संवाहक बनने की प्रेरणा देते हैं।

समाज की भागीदारी ज़रूरी

फ्यूचर सोसाइटी की उपाध्यक्ष रविता शर्मा ने कहा कि समाज के सभी वर्ग इस पहल से जुड़ें और बच्चों को धरोहर एवं सभ्यताओं की गहरी समझ देने में सहभागी बनें।

समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और इस अभियान का विशेष पोस्टर भी जारी किया गया। पूरे सप्ताह बड़ी संख्या में कला प्रेमी, शिक्षक, अभिभावक और आमजन प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचे और बच्चों की कलाकृतियों का अवलोकन किया।

Previous
Next

Related Posts