Saturday, 29 August 2026

नकली विज्ञान बनाम देशी बीज: स्वाद और सेहत पर खतरा


नकली विज्ञान बनाम देशी बीज: स्वाद और सेहत पर खतरा

जयपुर। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. पीयूष त्रिवेदी ने हाइब्रिड बीजों से तैयार होने वाले फलों और सब्जियों को स्वास्थ्य और स्वाद के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि नकली विज्ञान ने हमसे 400 प्रकार के देशी टमाटरों को छीन लिया और हमें अंडे जैसे आकार वाले गुणहीन टमाटर थमा दिए। उन्होंने कहा कि आज बाजार में मिलने वाले ज्यादातर फल और सब्जियां देखने में आकर्षक होती हैं लेकिन उनमें स्वाद और प्राकृतिक गुणों की भारी कमी रहती है।

डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, हाइब्रिड जामुन मोटी, गोलमटोल और देखने में आकर्षक होती हैं, लेकिन खाने पर इनमें रस और स्वाद नहीं होता। उल्टा यह गले में खुश्की और खारिश पैदा करती हैं, जिसके बाद पानी पीना पड़ता है। दूसरी ओर, देशी जामुन आकार में भले ही साधारण और पतली दिखती हो, लेकिन मुंह में रखते ही रस घोल देती है और शरीर को ताजगी का अनुभव कराती है।

इसी प्रकार अंडे जैसे हाइब्रिड टमाटर भी स्वाद और असर में देशी गोल टमाटरों के सामने फीके साबित होते हैं। देशी टमाटर जहां एक ही पर्याप्त होता है, वहीं हाइब्रिड टमाटरों को तीन-तीन डालने पर भी सब्जी का स्वाद बिगड़ जाता है।

डॉ. त्रिवेदी ने आगे बताया कि हाइब्रिड गेहूं में ग्लूटामेट की मात्रा अधिक होती है, जो मधुमेह और अन्य बीमारियों को जन्म देती है। अमेरिका जैसे विकसित देशों में 25% जनसंख्या मधुमेह से ग्रसित है। जबकि देशी गेहूं की किस्में, जैसे शरबती, में ग्लूटामेट संतुलित मात्रा में होता है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए अधिक उपयोगी साबित होता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल जैविक और कुदरती बीजों से उत्पन्न फलों, सब्जियों और अनाज का सेवन करें। उनके अनुसार, इंसान के बनाए बीजों में त्रुटियां हो सकती हैं, लेकिन भगवान द्वारा बनाए कुदरती बीज ही स्वास्थ्य और दीर्घायु का आधार हैं।

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