



वाराणसी/मिर्जापुर। भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत ने 2 अक्टूबर को पद्मविभूषण से सम्मानित प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार तड़के निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे और सुबह 4:15 बजे बेटी नम्रता मिश्र के मिर्जापुर स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से संगीत प्रेमियों और सांस्कृतिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है।
पंडित छन्नूलाल मिश्र का नाम भारतीय शास्त्रीय संगीत के उन दिग्गजों में शुमार है, जिन्होंने अपनी गायकी से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। उनका भजन और ठुमरी शैली में गाया गया लोकप्रिय गीत “खेले मसाने में होली...” आज भी लोगों की जुबां पर है। वे बनारस घराने के दिग्गजों में गिने जाते थे।
पंडित मिश्र के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा हैं। उनकी पत्नी और एक बेटी का निधन चार वर्ष पूर्व हो चुका था। बेटी नम्रता मिश्र ने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार आज शाम काशी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा।
पंडित छन्नूलाल मिश्र बीते सात महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। 11 सितंबर को मिर्जापुर में बेटी के घर तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रामकृष्ण सेवाश्रम अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर 13 सितंबर की रात उन्हें बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और 27 सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद वे मिर्जापुर लौट गए थे, लेकिन आखिरकार लंबी बीमारी के बाद उन्होंने जीवन यात्रा पूरी की।
पंडित मिश्र 2014 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक भी रहे थे। उनके निधन पर पीएम मोदी ने गहरा शोक जताया और ट्वीट कर कहा कि भारतीय संगीत जगत ने आज अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।