



जयपुर। दशहरे से ठीक पहले जयपुर में हुई तेज बारिश ने कारीगरों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सड़कों के किनारे बनाए जा रहे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बारिश में भीगकर खराब हो गए। कारीगरों का कहना है कि अब वे बुकिंग किए गए ग्राहकों को क्या सौंपेंगे, समझ नहीं आ रहा।
मंगलवार दोपहर अचानक मौसम बदला और शाम तक शहर में तेज बारिश हुई। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। गुर्जर की थड़ी क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई, जहां पुतले बना रहे कारीगरों के पूरे सेटअप को बारिश ने नुकसान पहुंचाया।
गुजरात से आए कारीगर विशाल भाई ने बताया कि उनका पूरा परिवार पिछले दो महीने से जयपुर में रहकर रावण के पुतले बना रहा था। कई ग्राहकों ने एडवांस में बुकिंग कर रखी थी, लेकिन बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।"कल जब लोग पुतले लेने आएंगे तो हम क्या देंगे? पुतले पूरी तरह से खराब हो गए हैं। दोबारा बनाने पर ज्यादा पैसा और वक्त दोनों लगेंगे। इस साल बारिश ने सब कुछ खराब कर दिया।" – विशाल भाई, कारीगर
कारीगरों ने सरकार से मांग की है कि दशहरे पर पुतला बनाने वालों के लिए सुरक्षित और ढकी हुई जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर साल उनकी मेहनत और कमाई बर्बाद न हो।
करीब दो महीने से चल रही तैयारी अब बेकार हो गई है। कारीगरों का कहना है कि वे सड़क किनारे रहकर दिन-रात मेहनत करते हैं, ताकि शहरवासी दशहरे का पर्व मना सकें। लेकिन इस बार की बारिश ने उनकी लाखों रुपए की कमाई और उम्मीदें छीन लीं।