



जयपुर।प्रवासी बंगाली सांस्कृतिक सोसाइटी, जयपुर का 31वीं वर्षगांठ के साथ श्री दुर्गा पूजा 2025 का भव्य महोत्सव की महासप्तमी के अवसर पर सी-स्कीम स्थित जय क्लब लॉन भक्ति, उत्साह और उल्लास से सराबोर हो उठा। सुबह से ही श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के लिए जुटने लगे। प्रातःकालीन आरती के दौरान पूरे परिसर में “जय मां दुर्गा” के उद्घोष गूंजे और मंत्रोच्चार व शंख-ध्वनि से वातावरण पवित्र हो गया।
आरती के बाद बच्चों के लिए मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें स्पून रेस और अन्य खेल शामिल थे। बच्चों की हंसी-खुशी ने पूजा-पंडाल को जीवंत बना दिया। दोपहर में विशेष भोग प्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें खिचड़ी, चोच्चौड़ी (मिक्स वेज) और पायेश (खीर) अर्पित कर भक्तों में वितरित किए गए। भक्तों ने प्रसाद को श्रद्धा से ग्रहण किया और इसे अपनी पारिवारिक यादों से जुड़ा बताया।
शाम की आरती के दौरान ढाक और शंख की गूंज ने वातावरण को भक्ति-रस से भर दिया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए, जिनमें बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सबसे आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे-मुन्नों ने देवी-देवताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और लोक नायकों का रूप धारण कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जय क्लब दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष डॉ. एसके सरकार ने कहा कि महासप्तमी केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि परंपराओं और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। श्रद्धालुओं ने सुबह की आरती को आत्मशांति देने वाली और दोपहर के भोग को बचपन की यादों को ताजा करने वाला बताया। वहीं, बच्चों के मंचन को सजीव झांकी की संज्ञा दी गई।
पूरे दिन का आयोजन धार्मिक आनंद के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक बंधनों को मजबूत करने वाला साबित हुआ। जय क्लब का परिसर भक्ति, बच्चों की खिलखिलाहट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर होकर महासप्तमी का अविस्मरणीय दिन बन गया।