



जयपुर। शेखावाटी से कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत के पुत्र बालेंदु सिंह शेखावत की कांग्रेस पार्टी में वापसी हो गई है। उन्हें लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित किया गया था। यह कार्रवाई जालोर लोकसभा क्षेत्र से तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत की शिकायत पर हुई थी।
बालेंदु सिंह शेखावत सचिन पायलट खेमे के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि वे तो 24 अप्रैल को जालोर में पारिवारिक कार्यक्रम में गए थे और किसी चुनावी गतिविधि में शामिल नहीं थे। बावजूद इसके बिना नोटिस और जानकारी दिए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।
हाल ही में बालेंदु सिंह शेखावत ने प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा। इसमें उन्होंने बताया कि उनका निष्कासन एकतरफा और अनुचित था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तीन पीढ़ियाँ कांग्रेस से जुड़ी रही हैं और वे स्वयं पिछले 25 साल से पार्टी के पदाधिकारी रहे हैं।
इसके बाद रंधावा ने राजस्थान के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श कर उनका निष्कासन रद्द कर दिया। पत्र में लिखा गया कि सभी नेताओं की राय से यह फैसला लिया गया है।
बालेंदु सिंह की वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। यह संदेश देने की कोशिश है कि पार्टी संगठनात्मक मजबूती के लिए पुराने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहती है। साथ ही यह कदम सचिन पायलट खेमे को साधने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
