



जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज मामले में भूपेंद्र सारण, अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह, अरुण शर्मा और पुखराज की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद चारों आरोपियों की दलीलों को ठुकरा दिया।
चारों आरोपियों की ओर से कहा गया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है और वे लंबे समय से जेल में बंद हैं। इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
ईडी की ओर से अधिवक्ता अक्षय भारद्वाज ने अदालत में तर्क दिया कि यह मामला एक गंभीर अपराध से जुड़ा है, जिसमें बड़े पैमाने पर रुपयों का लेनदेन हुआ है। यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और संगठित अपराध से संबंधित है। इसलिए आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती।
यह मामला तब उजागर हुआ जब 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर जिले के बेकरिया थाना पुलिस ने एक बस पकड़ी थी। बस में पेपर लीक के सरगना द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के 49 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हल करवाते हुए मिले। इसके बाद यह मामला राज्यभर में सुर्खियों में आया।
प्रारंभिक जांच के बाद मामला SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के पास चला गया। वहीं, बड़े पैमाने पर धन के लेनदेन की बात सामने आने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की।