



जनाना अस्पताल चांदपोल में 70 करोड़ रुपए की लागत से बना आधुनिक आईपीडी टावर दिसंबर माह से मरीजों को सुविधा देना शुरू करेगा। इस टावर के शुरू होने से प्रसव एवं सर्जरी के लिए महिलाओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर स्वयं इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।
इस भवन में दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और दो लेबर रूम तैयार किए गए हैं, जिससे एक साथ 15 प्रसव कराना संभव होगा। वहीं, भर्ती मरीजों के लिए 250 बेड का वार्ड और नर्सरी में 40 बेड बनाए गए हैं। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर इलाज मिल सकेगा और अन्य अस्पतालों का भार भी कम होगा।
आईपीडी टावर में सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे और वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। संक्रमण से बचाव के लिए वार्ड और आईसीयू को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि संक्रमण की संभावना शून्य प्रतिशत रहे।
दिव्यांग महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट बनाए गए हैं।वार्ड में टॉयलेट और चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध होगी।एक्लेमसिया रूम, प्री-डिलिवरी वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। 320 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता (130 फोर व्हीलर एवं 180 टू व्हीलर) बनाई गई है।
भविष्य की योजनाएं
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आगे चलकर और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इनमें ब्लड बैंक खोलना, इमरजेंसी और कलर डॉप्लर की सुविधा विकसित करना शामिल है। इसके अलावा, महामारी जैसी परिस्थितियों में (जैसे स्वाइन फ्लू, कोरोना) अलग से बेड और लेबर रूम बनाए जाएंगे। डॉक्टरों को कंप्यूटर आधारित जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
नए साल में महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट का 10 मंजिला भवन भी मरीजों को मिल जाएगा। इससे भी जननी एवं नवजात शिशुओं के इलाज में आसानी होगी।
डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने बताया कि सीएम और चिकित्सा मंत्री के निर्देश पर जनाना अस्पताल चांदपोल को हाईटेक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां रैफर होकर आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी अब परेशानी नहीं होगी।