



जयपुर। पुलिस मुख्यालय की साइबर सेल ने गोविंदपुरा के "होटल लेजेंड" में दबिश देकर एक अंतर-राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया; पुलिस के अनुसार गिरोह व्हाट्सएप व टेलीग्राम के जरिये लोगों को फंसाकर बैंकों से पैसे निकालवाता और ठगी की रकम को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर ट्रैक छुपाता था। आरोपियों की पहचान विष्णु दत्त (पुत्र रामस्वरूप खींचड़, — बीकानेर), देवीलाल गोदारा (पुत्र शंकरलाल, 36 — बीकानेर), विवेक कुमार जायसवाल (पुत्र शंकर प्रसाद, 33 — छत्तीसगढ़) और राहुल चौधरी (पुत्र झाबरमल, 23 — श्रीमाधोपुर, सीकर) के रूप में हुई है।
छापे में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल, 5 बैंक पासबुक, 6 चेकबुक, 12 एटीएम कार्ड, 19 सिम कार्ड, आधार व पैन कार्ड, एक क्रेटा कार तथा कुछ मादक पदार्थ जब्त किए हैं; इसके अलावा विष्णु दत्त के पास से 118 ग्राम अफीम भी बरामद हुई। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ठगी से प्राप्त धन को सीधे बैंक खातों में न रखकर क्रिप्टो में बदल देता था और कमीशन पर खरीदे गए फर्जी सिम व खातों के जरिए रकम प्राप्त करवा कर खोजबीन कठिन बना देता था।
पुलिस ने होटल के मालिक नरेंद्र बिजारणिया (47, सीकर) को भी जांच के दायरे में रखा है क्योंकि आरोप है कि उन्होंने संदिग्धों को बिना रजिस्ट्रेशन व पहचान के कमरे उपलब्ध कराए थे; अफीम संबंधी मामलों में करधनी पुलिस को सूचित कर अलग मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। यह कार्रवाई साइबर क्राइम के उप महानिरीक्षक पुलिस विकास शर्मा तथा एसपी शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन में पीएचक्यू साइबर सेल टीम ने की, जिसमें कांस्टेबल सच्चिदानन्द शर्मा और टीम के अन्य सदस्यों — एसएचओ सुगन सिंह डीएसपी, निरीक्षक राधेश्याम, सहायक उपनिरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल कृष्ण कुमार, बनवारी लाल, सुभाष चाहर, जयसिंह, अमित कुमार, मोतीराम, दीपक व चालक सुबेसिंह — ने भाग लिया; मामले की तकनीकी और फोरेंसिक जाँच जारी है और पुलिस ने कहा है कि नेटवर्क के अन्य कड़ियों तक पूछताछ व जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।