Saturday, 29 August 2026

चुनाव आयोग की सख्ती जारी: राजस्थान में एक माह में 26 पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द, 7 पर खतरा


चुनाव आयोग की सख्ती जारी: राजस्थान में एक माह में 26 पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द, 7 पर खतरा

जयपुर। चुनाव आयोग की चुनावी खर्च और आय-व्यय खाते जमा न करने वाली पार्टियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का असर राजस्थान पर साफ दिख रहा है। मात्र एक महीने के अंदर आयोग ने राजस्थान के 26 राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया है और 7 और दलों के खिलाफ भी मान्यता रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है — आयोग ने इन पर नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है; यदि संतोषजनक जवाब नहीं आया तो इनके रजिस्ट्रेशन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र सरकार के निर्देश तथा आयोग के नियमों के अनुरूप राजनीतिक दलों को वार्षिक ऑडिटेड अकाउंट और चुनावी खर्च का ब्योरा जमा करना अनिवार्य होता है। आयोग ने देश भर में ऐसी 359 पार्टियों की पहचान की है जिन्होंने तीन साल से आय-व्यय और खर्च संबंधी विवरण प्रस्तुत नहीं किए हैं। आयोग की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पार्टियाँ 2019 से चुनाव तक नहीं लड़ रही — राजस्थान में ऐसी छह पार्टियाँ भी शामिल मिलीं।

राजस्थान में जिन छह दलों को आयोग ने विशेष तौर पर चिन्हित किया है, वे हैं: अखिल भारतीय कांग्रेस दल अंबेडकर,भारत रक्षक पार्टी-डेमोक्रेटिक,भारतीय किसान पार्टी,दलित क्रांति दल,मेघ देशम पार्टी,नेशनल फ्यूचर पार्टी / विकास मंच (सूचना में नामकरण का अंतर)

चुनावी विभाग ने इन सातों दलों को सार्वजनिक नोटिस जारी कर पूछा है कि वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक सालाना ऑडिटेड अकाउंट तथा चुनावी खर्च का ब्योरा न देने का कारण क्या है; साथ ही पूछा गया है कि क्या पार्टी ने अपनी गतिविधियाँ सीमित कर दी हैं या पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। नोटिस का जवाब न मिलने पर आयोग उनका पंजीकरण रद्द कर सकता है।

आयोग ने गत माह (अगस्त) में पहले ही 9 दलों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए थे — जिनमें प्रमुख नाम हैं: भारत वाहिनी पार्टी, राजस्थान जनता पार्टी, राष्ट्रीय जन सागर पार्टी, खुशाल किसान पार्टी, भारतीय जन हितकारी पार्टी, नेशनल जनसत्ता पार्टी, नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट, स्वच्छ भारत पार्टी और महाराणा क्रांति पार्टी। इसके बाद पिछले सप्ताह भी कई दलों के रजिस्ट्रेशन पर कार्रवाई हुई — अखंड समाज पार्टी, अवामी आवाज पार्टी, भारत नव निर्माण पार्टी, भारतीय युवा शक्ति, भारतीय जनतांत्रिक पार्टी, भारतीय प्रजाजन पार्टी, ग्रीन पार्टी ऑफ इंडिया आदि।

चुनाव आयोग का कहना है कि राजनीतिक दलों का पारदर्शी वित्तीय आचरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियादी शर्त है। आयोग के नियमों के पालन से ही उम्मीदवारों व पार्टियों के वित्तीय व्यवहार की जवाबदेही बनी रहती है; नियमों का उल्लंघन होने पर आयोग के पास पंजीकरण निरस्त करने जैसे सख्त उपाय करने का अधिकार है।



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