



जयपुर। राजस्थान सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य की 3,848 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल, जो सितंबर और अक्टूबर 2025 में समाप्त होने वाला था, अब बढ़ा दिया गया है। सरकार ने इन पंचायतों के वर्तमान सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि फिलहाल नए पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं है, इसलिए यह व्यवस्था अपनाई गई है। जिन पंचायतों का कार्यकाल 15 अक्टूबर 2025 तक समाप्त हो रहा था, वहां यह आदेश लागू होगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रशासकों के सहयोग के लिए एक प्रशासकीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें उप-सरपंच और वार्ड पंच शामिल होंगे। यह समिति निर्वाचित पंचायत जैसी सभी शक्तियों का प्रयोग करेगी।
पंचायत के बैंक खातों के संचालन और वित्तीय निर्णयों में प्रशासक (सरपंच) और ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) संयुक्त रूप से अधिकार का प्रयोग करेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम ग्रामीण प्रशासन और विकास कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
आदेश जारी करने वाले अधिकारी
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के शासन सचिव और आयुक्त जोगाराम ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। अधिसूचना के अनुसार, जहां किसी कारणवश तत्काल चुनाव संभव नहीं है, वहां यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि अपरिहार्य कारणों की वजह से पंचायत चुनाव फिलहाल टालने पड़ रहे हैं। जब तक नए चुनाव नहीं हो जाते, तब तक पंचायतों का संचालन प्रशासक और प्रशासकीय समिति की देखरेख में होगा।