



राजाखेड़ा (धौलपुर)। शिक्षा विभाग में बीते दो दशक से फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज़ों के आधार पर नौकरी कर रही महिला शिक्षिका का पर्दाफाश हुआ है। आरोपित शिक्षिका मोनीदेवी पत्नी सोवरन सिंह, निवासी रोहाई मोहल्ला राजाखेड़ा (हाल निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश), को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार मोनीदेवी ने आगरा जिले के गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, जैंगारा से कक्षा 10वीं और 12वीं की फर्जी अंक तालिकाएं और प्रमाण पत्र तैयार करवाए थे।
इन दस्तावेजों को उसके पति सोबरन सिंह ने कूटरचित तरीके से बनवाया।इन्हीं नकली प्रमाणपत्रों के आधार पर मोनीदेवी ने वर्ष 2005 में विधवा कोटे से तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। इसके बाद वह बीते 20 वर्षों से राज्य सरकार से वेतन प्राप्त कर रही थी।
इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के परिवार की ही एक महिला ने विभाग को कई साल पहले शिकायत दी।
विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न होते देख उसने मामला जिला कलक्टर तक पहुंचाया।उसने स्वयं उत्तर प्रदेश बोर्ड से दस्तावेजों का सत्यापन करवाकर प्रमाण भी सौंपे। कलक्टर के निर्देशों पर शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, राजाखेड़ा ने थाना राजाखेड़ा में लिखित शिकायत दी।शिकायत में स्पष्ट किया गया कि मोनीदेवी ने फर्जी अंक तालिकाओं और प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की है। पुलिस ने महिला शिक्षिका को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।