Saturday, 29 August 2026

वैदिक संस्कृति एवं महिला सम्मेलन: भारतीय संस्कृति का संरक्षण और प्रसार जरूरी – दिया कुमारी


वैदिक संस्कृति एवं महिला सम्मेलन: भारतीय संस्कृति का संरक्षण और प्रसार जरूरी – दिया कुमारी

जयपुर। कला, साहित्य, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के ‘सांस्कृतिक सृजन पखवाड़ा’ के अंतर्गत आज विद्याधर नगर स्थित बियानी गर्ल्स कॉलेज में राजस्थान संस्कृत अकादमी एवं ऐके इंफ्रा के संयुक्त तत्वावधान में वैदिक संस्कृति एवं महिला सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

भारतीय संस्कृति की ताकत – सनातन मूल्य: दिया कुमारी ने कहा कि यह पखवाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपराओं, संस्कारों और कलाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सनातन संस्कृति और उसमें निहित मूल्य-व्यवस्था है, जिसने सदियों से समाज को जोड़े रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में ऐतिहासिक योगदान दिया है।

वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत पर जोर: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों ने देश की पहचान को नई दिशा दी है।भारत का टैलेंट कला, संस्कृति और ज्ञान परंपरा में अद्वितीय है।वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक धरोहर नई पहचान बना रही है।

कार्यक्रम में विद्वानों ने भारतीय परंपरा में महिलाओं की भूमिका, उनके वैदिक संस्कार, व्रत-त्यौहार और पूजन पद्धतियों पर गहन व्याख्यान प्रस्तुत किए।पारंपरिक गीतों और मंत्रोच्चारों से वातावरण आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा से भर गया।

सम्मेलन में राजस्थान संस्कृत अकादमी की निदेशक डॉ. लता श्रीमाली, कल्ला विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. लक्ष्मी शर्मा, डॉ. सुनीता श्रीमाली, बियानी कॉलेज के निदेशक प्रो. संजय बियानी, छात्राएं और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

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