



जयपुर। राजस्थान में होने वाली भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने कड़ा कदम उठाया है। अब परीक्षा के दौरान कोई भी कोचिंग संचालक, टीचर या अन्य व्यक्ति परीक्षा के प्रश्नपत्र का एनालिसिस या डिस्कशन नहीं कर सकेगा। यह नियम आगामी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा 19 से 21 सितंबर 2025 से लागू किया जाएगा।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के बीच में कोई भी ऑनलाइन या ऑफलाइन डिस्कशन या प्रश्नों का हल साझा करता है, तो इसे परीक्षा में बाधा डालना माना जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई कोचिंग संस्थान या शिक्षक पेपर सॉल्व या डिस्कशन करना चाहते हैं, तो वह परीक्षा से पहले (19 सितंबर से पहले) या फिर परीक्षा समाप्त होने के बाद (21 सितंबर के बाद) ही कर सकते हैं, ताकि परीक्षार्थियों पर इसका सीधा प्रभाव न पड़े।
बोर्ड ने यह भी घोषणा की कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले 24.75 लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा तिथि से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक राजस्थान रोडवेज की बसों में एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इस बार सरकार ने बेरोजगार युवाओं को अतिरिक्त सुविधा देते हुए यह व्यवस्था की है।
इस भर्ती परीक्षा में कुल 53,749 पदों के लिए चयन होगा। राज्य के 38 जिलों में 1300 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अकेले जयपुर में ही 200 परीक्षा केंद्रों पर 4.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा छह पारियों में होगी, और इसे अब तक की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा माना जा रहा है।