



जयपुर। जयपुर में पुलिस ने 5 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जयपुर कमिश्नरेट की साउथ जिला पुलिस ने की। आरोपियों के पास से नगदी, लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड समेत बड़ी मात्रा में उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि मानसरोवर थाना पुलिस ने सर्किल क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश दी।कॉल सेंटर का नाम जयपुर एप्स था, जो सन्नी मार्ट से संचालित हो रहा था।यहां से करोड़ों रुपए की साइबर ठगी की जा रही थी।पुलिस ने कॉल सेंटर चलाने वाले और बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 4 आरोपियों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी: सुरेंद्र दौतड (31) – पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, बीआर मिर्धा कॉलेज नागौर, हाल निवासी मानसरोवर,चंद्र शेखर (25) – निवासी बूंदी, हाल शिप्रापथ,रितेश जांगिड़ (27) – निवासी गांधी नगर, चूरू,महेश स्वामी (23) – निवासी सरदारशहर, चूरू
शिप्रापथ पुलिस ने यशवंत सिंह राजपूत निवासी अंता (बारां) को गिरफ्तार किया।आरोपी पढ़ाई करने वाले छात्रों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था।साइबर पोर्टल (1930) पर होने वाली शिकायतों में राशि होल्ड से बचाने के लिए वह ठगी का पैसा कई खातों में ट्रांसफर करता था। कमीशन पर पैसे एटीएम से निकालता था।
बरामदगी: 4.50 लाख नकद, 1 लैपटॉप, 3 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, 27 एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक।
श्याम नगर थाना पुलिस ने परमिंदर सरदार को गिरफ्तार किया।आरोपी किराए पर फ्लैट, दुकान, मॉल दिलाने के नाम पर ठगी करता था।इसके खिलाफ 80 से 85 साइबर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।अब तक लगभग 50 लाख रुपए की ठगी कर चुका है। साइबर ठगी से कमाए पैसे ऑनलाइन सट्टे में लगाता था।
बरामदगी: 39 एटीएम कार्ड, 1 कंप्यूटर, 6 लैपटॉप, 15 मोबाइल, 26 अतिरिक्त सिम कार्ड, 3 चेकबुक, 4 पासबुक, 5 पेमेंट स्कैनर, 2 वाईफाई कैमरा, 3 वाईफाई मॉडेम और 4.56 लाख नकद।
परिवादी विनायक कुमार जोशी ने 2 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने अखबार में फ्लैट किराए पर देने का विज्ञापन दिया था। खुद को रेंट ब्रोकर कंवरपाल सिंह बताकर आरोपी ने फ्लैट का वीडियो मंगवाया।बैंक अधिकारी के नाम पर झांसा देकर 36,000 और 17,668 रुपए एग्रीमेंट शुल्क के नाम पर वसूले। पैसा ट्रांसफर होते ही आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया।