



जयपुर। प्रदेश के छोटे बच्चों के लिए दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज हेतु अब सरकारी स्तर पर समर्पित सुविधा उपलब्ध हो गई है। जयपुर स्थित जे.के. लोन हॉस्पिटल में प्रदेश की पहली पीडियाट्रिक कार्डियक डिपार्टमेंट की डेडिकेटेड यूनिट की शुरुआत हुई है। इस यूनिट में 80 बेड होंगे, जहां केवल बच्चों के हृदय रोग का इलाज किया जाएगा।
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने आज जे.के. लोन हॉस्पिटल पहुंचकर इस यूनिट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां एडमिशन और इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी। इस सुविधा से हृदय रोग से पीड़ित छोटे बच्चों को अन्यत्र जाने की परेशानी नहीं होगी और उन्हें समय पर उपचार मिलेगा।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि यह यूनिट 20 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई है। इसमें:80 सामान्य बेड,10 एडवांस ICU बेड,5 HDU (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड भी तैयार किए गए हैं। यह यूनिट आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित होगी, ताकि बच्चों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सके।
यह यूनिट राजस्थान की पहली सरकारी पीडियाट्रिक कार्डियक यूनिट है।इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने से राहत मिलेगी। बच्चों की हृदय सर्जरी और गंभीर बीमारियों का इलाज अब राज्य की राजधानी में सरकारी स्तर पर संभव होगा।