जयपुर। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का चतुर्थ सत्र सोमवार, 1 सितम्बर से शुरू होने जा रहा है। लेकिन सत्र शुरू होने से ठीक पहले ही सर्वदलीय बैठक पर कांग्रेस के बहिष्कार ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा गुरुवार को बुलाई गई इस बैठक में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक दल के सचेतक रफीक खान शामिल नहीं हुए।
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सरकारी मुख्य सचेतक योगेश्वर गर्ग और अन्य दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। लेकिन कांग्रेस की अनुपस्थिति के कारण बैठक आगे नहीं बढ़ सकी। कांग्रेस के इस कदम से यह साफ संकेत मिल गया है कि आगामी सत्र में विपक्ष शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाने वाला है।
कांग्रेस का अगला कदम अभी स्पष्ट नहीं है। पार्टी विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी या नहीं, यह कांग्रेस विधायक दल की बैठक में तय होगा। साथ ही 1 सितम्बर को पहले दिन सदन में कांग्रेस किस तरह का प्रदर्शन करेगी और क्या वह विधानसभा कार्य सलाहकार समिति की बैठक में हिस्सा लेगी, इस पर भी असमंजस बना हुआ है।
सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस के बहिष्कार ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के सामने एक राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह होगा कि वे अपने राजनीतिक कौशल से विपक्ष को कैसे साधते हैं और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से कैसे चलाते हैं।