Saturday, 29 August 2026

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राजस्व न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप फीस बढ़ी,1 सितंबर से लागू


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राजस्व न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप फीस बढ़ी,1 सितंबर से लागू

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राजस्व न्यायालयों में पैरवी करने वाले राजकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप फीस में बढ़ोतरी कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर लिया गया है। राजस्व विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। बढ़ी हुई फीस आगामी 1 सितंबर 2025 से प्रभावी होगी।

नए मानक के अनुसार फीस: राजस्व विभाग के शासन उप सचिव हरिसिंह मीना ने बताया कि विभिन्न स्तरों पर कार्यरत राजकीय अधिवक्ताओं की मासिक रिटेनरशिप इस प्रकार होगी

राजस्व मंडल अजमेर

स्टेट एडवोकेट: ₹11,250

एडिशनल स्टेट एडवोकेट: ₹10,200
डिप्टी स्टेट एडवोकेट: ₹9,000

संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त संभागीय आयुक्त कोर्ट: ₹6,000
जयपुर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर और पाली के जिला कलेक्टर एवं एडीएम कोर्ट: ₹6,000
बूंदी, झालावाड़, टोंक, जालोर, सिरोही, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, बारां और राजसमंद: ₹4,500
बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, धौलपुर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और करौली: ₹3,000
अन्य जिलों के जिला कलेक्टर व एडीएम कोर्ट: ₹4,500
राजस्व अपीलीय प्राधिकारी एवं उनके कैंप कोर्ट: ₹3,000

अन्य विधिक भुगतान में भी बढ़ोतरी: रिटेनरशिप फीस के साथ-साथ अधिवक्ताओं को न्यायिक दायित्वों के तहत देय राशि में भी संशोधन किया गया है—

जवाबदावा: ₹ 700 प्रति प्रकरण
डिक्टेशन व टंकण शुल्क: ₹ 25 प्रति पृष्ठ
फोटोस्टेट शुल्क: ₹ 2 प्रति पृष्ठ
अधिवक्ता कल्याण कोष: ₹200
स्टेशनरी/फाइल/कवर: ₹60
प्रमाणपत्र/शपथपत्र प्रमाणीकरण: ₹100
अन्य विधिक खर्चे: ₹200


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