



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति के विजन डॉक्यूमेंट ‘विकसित राजस्थान/2047’ एवं 2 नीतियों को मजूंरी दी गई। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए 3 विधेयकों के प्रारूप के अनुमोदन, परवन बांध डूब क्षेत्र के विस्थापितों को विशेष अनुग्रह राशि स्वीकृत करने तथा युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किए गए। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप राज्य सरकार के ‘विकसित राजस्थान/2047’ विजन डॉक्यूमेंट का मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य को आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति की दिशा में सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने का रोडमैप है। विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे तथा वित्तीय आवश्यकताओं का वर्षवार आकलन कर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार इसकी क्रियान्विति करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राजस्थान की स्वास्थ्य और अवसंरचना से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की गईं। बैठक में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) बिल को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही जयपुर में 3500 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा प्रदेश की नई भूमि आवंटन नीति को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल का कैंसर संस्थान भी RIMS में शामिल किया जाएगा।
इसमें सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मेडिकल के प्रमुख सचिव इसके अध्यक्ष होंगे।
फैकल्टी नियुक्तियों के लिए समिति का गठन किया जाएगा।
राजस्थान मत्स्य (संशोधन) विधेयक-2025
पटेल ने बताया कि राजस्थान मत्स्य अधिनियम, 1953 में संशोधन के लिए मंत्रिमंडल द्वारा राजस्थान मत्स्य (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक में मत्स्य अपराधों के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाकर पच्चीस हजार रुपये, पुनः अपराध की स्थिति में पचास हजार रुपये तक करना प्रस्तावित किया गया है। अपराधों के शमन हेतु निर्धारित राशि को सौ रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। यह संशोधन इसलिए आवश्यक थे क्योंकि मत्स्य अपराधों को रोकने के लिए वर्तमान में निर्धारित जुर्माना राशि अत्यंत कम है।
कैबिनेट ने जयपुर की पहचान को और ऊंचाई देने के लिए टोंक रोड पर विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनाने की मंजूरी दी है।
लागत: 3500 करोड़ रुपये
क्षमता: 7000 सीटें
परियोजना में दो होटल शामिल होंगे – एक फाइव स्टार और एक फोर स्टार।
निर्माण कार्य वही कंपनी करेगी जिसने दिल्ली का भारत मंडपम बनाया है।
कार्य 36 महीने में पूरा किया जाएगा।
एक पेड़ काटने पर पांच पेड़ लगाने होंगे सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए 1280 हेक्टेयर जमीन आवंटन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस प्लांट से 2500 मेगावाट बिजली बनेगी। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा- कंपनियों को सोलर प्लांट लगाने वाली जगह से काटे गए हर एक के बदले पांच पेड़ लगाने होंगे। जहां सोलर प्लांट लगेंगे वहां स्थानीय स्तर पर स्कूल, हॉस्पिटल और सीएसआर के तहत काम करने होंगे।
नए एक्सप्रेस-वे पर अब टोल कम लगेगा राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा- नए बनने वाले स्टेट एक्सप्रेस-वे पर टोल की दरें कम होंगी। नई नीति से प्रदेश में एक्प्रेस-वे तेजी से बनेंगे। लोगों को कम टोल देना पड़ेगा।
2030 तक 30 लाख करोड़ की अर्थव्यस्था बनाने का लक्ष्य विकसित राजस्थान के लिए 2047 तक के विजन डॉक्यूमेंट को मंजूरी दी गई है। 2030 तक 30 लाख करोड़ की अर्थव्यस्था का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 45 विभाग शामिल हैं। विजन डॉक्यूमेंट में विकसित राजस्थान बनाने के लिए अलग अलग टारगेट तय किए गए हैं। हर गांव में शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उद्योग लगाने पर सस्ता कर्ज और सब्सिडी मिलेगी कैबिनेट ने विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। युवाओं को खुद का व्यापार करने, उद्योग लगाने के लिए सस्ता लोन और सब्सिडी मिलेगी। पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बेकार पड़ी हवाई पट्टियों को एयरो स्पोट्र्स के लिए देंगे कैबिनेट ने एयरो स्पोट्र्स पॉलिसी को मंजूरी दी है। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया- बेकार पड़ी हवाई पट्टियों को एयरो स्पोट्र्स के लिए लीज पर दिया जाएगा। यह अवधि 20 साल की होगी। इन्हें स्पोट्र्स एक्टिविटी के लिए 2000 वर्गमीटर जमीन दी जाएगी।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बताया कि राज्य के सभी 3 डिस्कॉम में आरडीएसएस के अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का आरडीएसएस योजना के अंतर्गत क्रियान्वयन किया जाएगा। इसका उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका संबंधी अंतराल को दूर कर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। इस योजना में ऐसे गांवों को शामिल किया गया है जिनकी जनसंख्या 500 या उससे अधिक है और जिनमें कम से कम 50 प्रतिशत आदिवासी निवासी हैं, साथ ही आकांक्षी जिलों के वे गांव भी सम्मिलित किए गए हैं जहां आदिवासी जनसंख्या 50 प्रतिशत या उससे अधिक है। खराड़ी ने बताया कि परवन बांध डूब क्षेत्र में आ रहे मकानों के परिवारों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अलग-अलग प्रकरणों में कुल 52 करोड़ रुपये से अधिक की विशेष अनुग्रह राशि देने का निर्णय किया गया है।