Saturday, 29 August 2026

ठोस अपशिष्ट से बायोगैस उत्पादन पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है: मदन राठौड़


ठोस अपशिष्ट से बायोगैस उत्पादन पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है: मदन राठौड़

जयपुर। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि ठोस अपशिष्ट से संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन न केवल पर्यावरण संरक्षण में मददगार है बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की चक्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

ब्रजधाम पावर प्राइवेट लिमिटेड संयंत्र बना प्रेरणा: राठौड़ ने विशेष रूप से राजस्थान के जयपुर स्थित ब्रजधाम पावर प्राइवेट लिमिटेड संयंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी 87.5 एमएलडी की स्थापित क्षमता राज्य के लिए गौरव और देश के लिए प्रेरणा है। यह संयंत्र न केवल अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक है बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

सरकार की पहल और नीतिगत समर्थन: राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि सरकार ने सीबीजी और जैविक खाद उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। इसमें—

  • दीर्घकालिक समझौते (MPATA)

  • मूल्य निर्धारण नीति

  • केंद्रीय वित्तीय सहायता

  • नियामक मान्यता

  • बाजार विकास सहायता

जैसे अनेक रणनीतिक कदम शामिल हैं। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत एमएसडब्ल्यू आधारित सीबीजी परियोजनाओं को विशेष सहयोग मिल रहा है।

सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क के माध्यम से सीबीजी को सीएनजी के साथ जोड़ा जा रहा है। इसके लिए पाइपलाइन और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

वर्तमान में देश की स्थिति: अब तक देश में नगरपालिका अपशिष्ट-आधारित 16 सीबीजी संयंत्र स्थापित हो चुके हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 2043 टन प्रतिदिन (TDP) है।इसके अतिरिक्त सीवेज स्लज आधारित 5 सीबीजी संयंत्र हैं, जिनकी कुल क्षमता 808 MLD है।

इन परियोजनाओं से—

  • लैंडफिल का बोझ कम होता है

  • मीथेन जैसी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन घटता है

  • प्रदूषण के स्तर में कमी आती है

  • स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद का उत्पादन होता है

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार और आजीविका के अवसर सृजित होते हैं

सतत विकास की दिशा में प्रतिबद्धता:राठौड़ ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी सरकार की पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। भारत सरकार हरित ऊर्जा की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है, जिससे देश का पर्यावरण भी सुरक्षित होगा और अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनेगी।

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