



नई दिल्ली। 79 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 24 मिनट के संबोधन में देशवासियों से संवाद किया। उन्होंने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर, कश्मीर रेल प्रोजेक्ट, आर्थिक विकास, लोकतंत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष मिशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार रखे।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष देश ने आतंकवाद का दर्द झेला। पहलगाम में हुआ हमला निर्दोष नागरिकों की हत्या का कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य था। इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने सीमापार आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत मिशन की परीक्षा का अवसर बताते हुए कहा कि यह आतंकवाद के विरुद्ध मानवता की लड़ाई में एक ऐतिहासिक मिसाल बनेगा।
कश्मीर घाटी में रेल सेवा शुरू होने को उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, रेलवे में तकनीकी नवाचार और कश्मीर को शेष भारत से रेल-संपर्क द्वारा जोड़ने की सराहना की।
अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि 6.5% GDP वृद्धि दर के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, निर्यात बढ़ रहा है और सभी प्रमुख संकेतक अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर उन्होंने कहा कि इंडिया-AI मिशन के तहत भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप मॉडल विकसित किए जाएंगे। लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत को वैश्विक एआई हब बनाया जाए, जिससे प्रशासन और नागरिक जीवन दोनों में सुधार हो।
अंतरिक्ष मिशन पर उन्होंने शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यात्रा का उल्लेख किया और इसे ‘गगनयान’ मिशन के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के विजन के तहत भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के संकल्प को दोहराया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी एवं दूसरी महिला हैं। उन्होंने 2022 में सबसे कम उम्र में राष्ट्रपति बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।